सुरभि न्यूज़
परस राम भारती, तीर्थन घाटी गुशैनी
जिला कुल्लू के बंजार उपमंडल की दुर्गम मशियार पंचायत में दोगड़ा पुल का निर्माण कार्य शुरू न होने से तीन गांवों के करीब 600 लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। 13 अगस्त 2025 को भारी बारिश के कारण फलाचन नदी में बहा यह वाहन योग्य वैली ब्रिज आज भी ग्रामीणों की राह में बड़ी बाधा बना हुआ है। पुल बहने के 14 महीने बाद भी इसकी नींव तक नहीं रखे जाने से लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से पुल का निर्माण कार्य जल्द शुरू करने की मांग की है।
तीन गांवों का संपर्क प्रभावित, रोजमर्रा के कामों में परेशानी
दोगड़ा पुल मशियार पंचायत के कमेडा, मंझली और मशियार गांवों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग था। पुल के बह जाने से इन गांवों के लोगों को रोजमर्रा के कामकाज, आवाजाही और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, यह पुल पंचायत की करीब आधी आबादी के लिए आवागमन का प्रमुख साधन था।
पुल न होने का असर विद्यार्थियों पर भी पड़ रहा है। बठाहड़ स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को नदी पार करके आना-जाना पड़ रहा है। फिलहाल फलाचन नदी में पानी का स्तर कम होने के कारण कुछ वाहन नदी के रास्ते से गुजर रहे हैं, लेकिन जलस्तर बढ़ने पर यह रास्ता बंद होने का खतरा बना हुआ है। ऐसी स्थिति में तीनों गांवों के लोगों का संपर्क प्रभावित हो सकता है और उनकी मुश्किलें कई गुना बढ़ सकती हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान में नदी का जलस्तर कम है और पुल की नींव व फाउंडेशन का काम शुरू करने के लिए यह उपयुक्त समय है। इसके बावजूद अभी तक न तो निर्माण स्थल का चयन होने की जानकारी है और न ही नींव रखने का काम शुरू हुआ है।
स्थानीय लोगों ने चिंता जताई कि यदि समय रहते निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया तो आने वाले महीनों में नदी का जलस्तर बढ़ने और बरसात का मौसम शुरू होने के बाद काम करना और मुश्किल हो सकता है। इससे ग्रामीणों को फिर लंबे समय तक परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
स्थानीय ग्रामीण एवं पूर्व उपप्रधान प्रकाश ठाकुर, वार्ड सदस्य प्रेम सिंह, पूर्व वार्ड सदस्य भाग सिंह, लाल चंद, हेत राम, अमर भारती, दलीप सिंह, मेघ सिंह, धर्म चंद, हीरा लाल, दरबारी लाल और ढेवा राम सहित अन्य लोगों ने दोगड़ा पुल का निर्माण कार्य प्राथमिकता के आधार पर शुरू करने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि दोगड़ा पुल केवल एक सड़क पुल नहीं, बल्कि तीन गांवों के लोगों की दैनिक जरूरतों, विद्यार्थियों की आवाजाही और आपात परिस्थितियों में सुरक्षित संपर्क का महत्वपूर्ण माध्यम है। पुल के अभाव में लोगों को जोखिम उठाकर नदी पार करनी पड़ रही है।
ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार, उपायुक्त कुल्लू और लोक निर्माण विभाग से आग्रह किया है कि दोगड़ा पुल के निर्माण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। उन्होंने मांग की कि जल्द से जल्द निर्माण स्थल का चयन कर फाउंडेशन का काम शुरू करवाया जाए, ताकि नदी का जलस्तर बढ़ने से पहले निर्माण कार्य आगे बढ़ सके।
अब ग्रामीणों को इंतजार है कि उनकी इस गंभीर समस्या पर सरकार और संबंधित विभाग कब संज्ञान लेते हैं और दोगड़ा पुल के पुनर्निर्माण का काम धरातल पर कब शुरू होता है।











