शिक्षा और खेलों को बढ़ावा देना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता – रोहित ठाकुर

Listen to this article

सुरभि न्यूज़ | शिमला, 14 अक्तूबर

पीएम श्री राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कुपवी में आयोजित 67वीं राज्य स्तरीय अंडर-19 छात्र खेलकूद प्रतियोगिता में बतौर मुख्यातिथि शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा और खेलों को बढ़ावा देना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ खेल गतिविधियां भी बेहद जरूरी हैं। खेलों से युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना विकसित होती है।

प्रतियोगिता में प्रदेश के सभी 12 जिलों और सात खेल छात्रावासों के कुल 655 खिलाड़ियों ने भाग लिया। इस दौरान वॉलीबॉल, कबड्डी, खो-खो, कुराश और ठोडा खेलों के मुकाबले आयोजित किए गए। शिक्षा मंत्री ने विजेता टीमों को पुरस्कार वितरित कर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए लगातार प्रयास कर रही है। खेल उपलब्धियों के आधार पर तीन प्रतिशत कोटे के तहत अब तक 300 से अधिक खिलाड़ियों को रोजगार प्रदान किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों के पोषण और प्रदर्शन में सुधार के लिए डाइट मनी में बढ़ोतरी की गई है। प्रदेश के बाहर आयोजित होने वाली प्रतियोगिताओं के लिए 500 रुपये प्रतिदिन, राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए 400 रुपये तथा जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए 300 रुपये प्रतिदिन डाइट मनी निर्धारित की गई है। वहीं, खेल छात्रावासों में प्रारंभिक शिक्षा स्तर तक के खिलाड़ियों को 250 रुपये प्रतिदिन दिए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेल छात्रावासों की संख्या आठ से बढ़ाकर 11 कर दी गई है। कुपवी और नेरवा में भी खेल छात्रावास स्थापित करने की मांग मुख्यमंत्री के समक्ष रखी जाएगी, ताकि क्षेत्र के उभरते खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिमाचल के खिलाड़ियों ने 48 पदक जीतकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया। इस वर्ष दिसंबर में भी राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता आयोजित करने का प्रस्ताव है।

रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (NAS) में हिमाचल प्रदेश 21वें स्थान से तीसरे स्थान पर पहुंचा है। इसी प्रकार, परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI) में भी प्रदेश ने 18वें स्थान से तीसरा स्थान हासिल किया है।

उन्होंने कहा कि 99.30 प्रतिशत साक्षरता दर के साथ हिमाचल प्रदेश ने गोवा के बाद देश का दूसरा पूर्ण साक्षर राज्य बनने की उपलब्धि हासिल की है। यह शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए किए जा रहे प्रयासों का परिणाम है।

शिक्षा मंत्री ने बताया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में शिक्षा विभाग में अब तक लगभग 9,000 पद भरे जा चुके हैं, जबकि 6,000 अन्य पद भरने की प्रक्रिया प्रस्तावित है। इसके पूरा होने पर कुल भरे जाने वाले पदों की संख्या लगभग 15,000 तक पहुंचने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए पहले चरण में प्रदेश के 147 विद्यालयों को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से संबद्ध करने की पहल की गई है। इनमें कुपवी विद्यालय भी शामिल है।

रोहित ठाकुर ने कहा कि चौपाल विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा संबंधी आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए शिक्षा विभाग के माध्यम से विभिन्न कार्यों के लिए 15 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस राशि से विद्यालय भवनों के निर्माण और अन्य आवश्यक कार्यों को गति मिलेगी।

उन्होंने बताया कि कुपवी विद्यालय में अध्यापकों के 10 पद भरे जा चुके हैं और अन्य रिक्त पदों को भी प्राथमिकता के आधार पर भरने के प्रयास किए जाएंगे। विद्यालय भवन की मांग पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने सीबीएसई विद्यालयों के लिए पहले ही दो-दो करोड़ रुपये उपलब्ध करवाने की बात कही है। इससे विद्यालय के आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *