सुरभि न्यूज़
खुशी राम ठाकुर, बरोट
छोटा भंगाल में मुल्थान महाविद्यालय को बंद होने से बचाने के लिए क्षेत्रवासियों ने लंबा संघर्ष किया है, लेकिन अब इसके संचालन और शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूत करना बड़ी चुनौती बन गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, वर्तमान में महाविद्यालय में केवल दो प्रोफेसर ही सेवाएं दे रहे हैं, जबकि प्राचार्य सहित विभिन्न विषयों के शिक्षकों के पद खाली चल रहे हैं।
महाविद्यालय में इस समय गरीब परिवारों से संबंध रखने वाले 58 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। शिक्षकों के पद खाली होने के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने की चिंता बनी हुई है। लोगों का कहना है कि महाविद्यालय में प्रवेश लेने के बावजूद कई आर्थिक रूप से सक्षम परिवारों के विद्यार्थी बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं की तलाश में दूरदराज के क्षेत्रों में स्थित अन्य महाविद्यालयों का रुख कर चुके हैं।
क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि महाविद्यालय में प्राचार्य सहित सभी रिक्त पदों को जल्द भरा जाए। उनका मानना है कि यदि यहां पर्याप्त शिक्षक नियुक्त किए जाते हैं और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिलती हैं, तो महाविद्यालय में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या में भी बढ़ोतरी हो सकती है।
लोगों ने यह भी मांग की है कि महाविद्यालय को उपयुक्त सरकारी भवन में संचालित करने तथा आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में भी आवश्यक कदम उठाए जाएं।











