कुल्लू में बाढ़ निगरानी के लिए बनेगा आधुनिक भवन, जल शक्ति विभाग को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश

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सुरभि न्यूज़ | प्रताप सिंह अरनोट, कुल्लू

प्रधान सचिव डॉ. अभिषेक जैन ने विकास कार्यों की समीक्षा कर गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने को कहा, मनाली सीवरेज परियोजना में तेजी लाने के निर्देश

हिमाचल प्रदेश सरकार के प्रधान सचिव, जल शक्ति विभाग डॉ. अभिषेक जैन ने कुल्लू जिले के दो दिवसीय दौरे के दौरान विभागीय विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सभी परियोजनाओं में गुणवत्ता मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने और निर्धारित समयावधि में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने वर्ष 2023 से कुल्लू घाटी में बार-बार सामने आ रही बाढ़ की घटनाओं को देखते हुए आधुनिक सुविधाओं से युक्त बाढ़ निगरानी भवन की योजना एवं प्रस्ताव तैयार करने को भी कहा।

डॉ. अभिषेक जैन ने 16 अक्तूबर को जल शक्ति विभाग के कुल्लू मंडल कार्यालय और विश्राम गृहों का प्रशासनिक निरीक्षण किया। इसके बाद मंडल कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने एसडीएमएफ एवं पीडीएनए के अंतर्गत चल रहे कार्यों, जलापूर्ति योजनाओं के पुनर्वास और जिले में संचालित अन्य विकासात्मक परियोजनाओं की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों को सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के साथ विभागीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कार्यालयों में अभिलेखों का उचित एवं व्यवस्थित रखरखाव सुनिश्चित करने तथा निर्धारित मैनुअल के अनुसार पुरानी वस्तुओं और रिकॉर्ड का सर्वेक्षण करने को भी कहा।

कुल्लू घाटी में बार-बार बाढ़ की घटनाओं से उत्पन्न चुनौतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए डॉ. जैन ने बाढ़ की निगरानी और आपदा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को आधुनिक तकनीक से सुसज्जित बाढ़ निगरानी भवन की योजना तैयार करने के निर्देश दिए।

प्रस्तावित भवन में रिमोट सेंसिंग, भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) आधारित डेटाबेस और प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली जैसी उन्नत तकनीकों को शामिल करने पर जोर दिया गया। इन सुविधाओं के माध्यम से बाढ़ से संबंधित परिस्थितियों की निगरानी करने, संभावित खतरों का समय रहते आकलन करने और आवश्यक एहतियाती कदम उठाने में मदद मिल सकेगी।

उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारी जनहित को सर्वोपरि रखते हुए पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी से कार्य करें। साथ ही, विभाग की मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि विकास कार्यों के साथ-साथ आपदा प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाएं भी मजबूत बन सकें।

दौरे के दूसरे दिन, 17 अक्तूबर को डॉ. अभिषेक जैन ने वित्त सचिव के रूप में यूको बैंक का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बैंक अधिकारियों के साथ विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

इसके बाद उन्होंने मनाली शहर की एएफडी वित्त पोषित सीवरेज परियोजना की संबंधित अधिकारियों एवं हितधारकों के साथ समीक्षा की। परियोजना के कार्यों में हो रही देरी को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने सभी संबंधित पक्षों को कार्य में तेजी लाने और परियोजना को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में योजना कार्यों, जमा कार्यों और अन्य संबंधित विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। डॉ. जैन ने अधिकारियों को आपसी समन्वय मजबूत करने तथा सभी लंबित मामलों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करने को कहा।

उन्होंने निर्देश दिए कि विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी न हो और प्रत्येक स्तर पर जिम्मेदारी तय करते हुए कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।

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