सुरभि न्यूज़
खुशी राम ठाकुर, बरोट
छोटाभंगाल घाटी की स्वाड़ पंचायत के स्वाड़, छेरना और जुधार गांवों सहित लोआई पंचायत के तरमेहर गांव के लोगों की सुविधा के लिए उहल नदी पर बनाए गए पैदल पुल की जर्जर हो चुकी लोहे की चादरों को बदलने का कार्य लोक निर्माण विभाग ने शुरू करवा दिया है। रविवार को ठेकेदार ने पुल पर बिछी पुरानी लोहे की चादरों को उखाड़ने का काम शुरू किया। विभाग की इस पहल पर स्थानीय लोगों ने आभार जताया है, लेकिन सब्जियों की बिक्री के व्यस्त सीजन में मरम्मत कार्य शुरू होने पर नाराजगी भी व्यक्त की है।
स्वाड़ पंचायत की पूर्व प्रधान गुड्डी देवी तथा जुधार गांव निवासी एवं भाजपा के संगठनात्मक जिला पालमपुर के पंचायती राज प्रकोष्ठ के सदस्य प्रवीण कुमार ने कहा कि इन दिनों छोटाभंगाल घाटी में विभिन्न प्रकार की सब्जियों की बिक्री का सीजन जोरों पर है। घाटी के अनेक सब्जी उत्पादक अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने के लिए इसी पैदल पुल का इस्तेमाल करते हैं। स्वाड़, छेरना, जुधार और तरमेहर गांवों के लोगों की आवाजाही भी इसी पुल पर निर्भर है।
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में पुल की मरम्मत शुरू होने से सब्जी उत्पादकों को अपनी उपज बिक्री के लिए ले जाने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। स्थानीय लोगों ने लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि पुरानी लोहे की चादरें उखाड़ने और नई चादरें बिछाने का कार्य सब्जियों का सीजन समाप्त होने के बाद करवाया जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
लकड़ी की अस्थायी पुलिया से जारी रहेगी आवाजाही
इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता दिनेश कुमार ने बताया कि स्थानीय पंचायत प्रधानों से बातचीत करने के बाद ही मरम्मत कार्य शुरू करवाया गया है। उन्होंने कहा कि सब्जी उत्पादकों और आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उहल नदी पर मुख्य पुल के साथ लकड़ी की अस्थायी पुलिया बनाई गई है, जिससे लोगों की आवाजाही सुचारू रखने का प्रयास किया गया है।
उन्होंने बताया कि ठेकेदार को नई लोहे की चादरें बिछाने का कार्य तीन दिन के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग का प्रयास है कि पुल की मरम्मत भी समय पर पूरी हो और लोगों को आवागमन में अधिक परेशानी न उठानी पड़े।
स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि मरम्मत कार्य शीघ्र पूरा होने से किसानों और ग्रामीणों को राहत मिलेगी।











