सुरभि न्यूज़
खुशी राम ठाकुर – बरोट
पद्धर उपमंडल की चौहार घाटी में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरोट को एक और एम्बुलेंस उपलब्ध हुई है। क्षेत्र के लोगों की जरूरत को देखते हुए समाजसेविका मधुवाला ने अपने स्वर्गीय पति की स्मृति में रविवार को यह एम्बुलेंस दान की। इससे चौहार घाटी के साथ-साथ छोटाभंगाल घाटी के लोगों को भी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बरोट पंचायत के थुजी गांव के समाजसेवक गुलाब सिंह पिछले लगभग पांच महीनों से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरोट के लिए एम्बुलेंस उपलब्ध करवाने के प्रयास कर रहे थे। उनके अथक प्रयासों से यह मांग पूरी हो सकी।
हरोली-बाथड़ी की रहने वाली समाजसेविका मधुवाला ने रविवार को एसडीएम पद्धर सुरजीत सिंह तथा बीएमओ पद्धर डॉ. संजय गुप्ता की उपस्थिति में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरोट को एम्बुलेंस भेंट की। अपने स्वर्गीय पति की याद में किए गए इस पुनीत कार्य की क्षेत्रवासियों ने सराहना की।
एसडीएम पद्धर सुरजीत सिंह ने द्रंग क्षेत्र और चौहार घाटी की जनता की ओर से समाजसेविका मधुवाला का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अपने दिवंगत पति की स्मृति में स्वास्थ्य संस्थान को एम्बुलेंस दान करना समाजसेवा का सराहनीय उदाहरण है। उन्होंने मधुवाला को सांत्वना देते हुए कहा कि उनका यह योगदान जरूरतमंद लोगों की सहायता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही उन्होंने भविष्य में भी समाजसेवा के कार्य जारी रखने की अपील की।
एसडीएम ने एम्बुलेंस उपलब्ध करवाने के लिए लगातार प्रयास करने वाले स्थानीय समाजसेवक गुलाब सिंह का भी धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि चौहार और छोटाभंगाल घाटियों के केंद्र स्थल पर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरोट को एम्बुलेंस मिलने से दोनों क्षेत्रों के लोगों को लाभ मिलेगा। आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुंच बेहतर बनाने में यह सुविधा उपयोगी साबित होगी।
इस अवसर पर समाजसेवी बैजनाथ राज कुमार, डॉ. विजय विद्यार्थी, गगरेट के समाजसेवी एवं ऑल इंडिया किसान सभा के सचिव डॉ. चमेल सिंह, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरोट की प्रभारी डॉ. नैंसी, डॉ. तनुजा शर्मा तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टिक्कन के प्रभारी डॉ. सचिन सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
क्षेत्रवासियों ने उम्मीद जताई कि एम्बुलेंस की उपलब्धता से मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त करने में मदद मिलेगी और दूरदराज के गांवों के लोगों को आपातकालीन स्थिति में राहत मिलेगी।











