सुरभि न्यूज़
कुल्लू, 31 अक्तूबर
उपायुक्त डॉ. अमित शर्मा ने कहा कि युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रखने के लिए उन्हें खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, कौशल विकास और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना आवश्यक है। युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देकर उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित की जा सकती है।
वे शुक्रवार को जिला स्तरीय नारकोटिक्स समन्वय केंद्र समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान, एनडीपीएस अधिनियम के तहत कार्रवाई, वित्तीय जांच, अवैध भांग एवं अफीम की खेती की रोकथाम तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की विस्तृत समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए पूरे समाज को सामूहिक रूप से आगे आना होगा। सभी विभाग आपसी तालमेल से कार्य करते हुए इस अभियान को जन आंदोलन का रूप दें। उन्होंने नशा तस्करों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के लिए कुल्लू पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि जिले में नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के प्रयास पूरी दृढ़ता से जारी रहेंगे।
उन्होंने शिक्षा विभाग को नवचेतना मॉड्यूल के तहत अध्यापकों को प्रशिक्षण देने तथा विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। स्कूलों में आयोजित एंटी चिट्टा जागरूकता गतिविधियों की मासिक रिपोर्ट जिला स्तरीय समिति की बैठकों में प्रस्तुत करने को भी कहा।
डॉ. शर्मा ने निर्देश दिए कि स्कूलों में आयोजित खेलकूद प्रतियोगिताओं के दौरान विद्यार्थियों को अनिवार्य रूप से एंटी चिट्टा शपथ दिलाई जाए। इसके अतिरिक्त नशे के दुष्प्रभावों पर विशेषज्ञों और जागरूक वक्ताओं के व्याख्यान भी आयोजित किए जाएं, ताकि विद्यार्थी नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान को समझ सकें।
बैठक में जिले की 28 अति संवेदनशील ग्राम पंचायतों में गठित नशा निवारण समितियों की गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने इन समितियों की नियमित बैठकें आयोजित करने तथा पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा, समाज कल्याण विभाग, नगर निकायों और पंचायत प्रतिनिधियों के सहयोग से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि नशे की रोकथाम के लिए पंचायत स्तर पर जनभागीदारी सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। स्थानीय जनप्रतिनिधि और समुदाय के सदस्य युवाओं के साथ-साथ उनके अभिभावकों को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उपायुक्त ने जिले में अवैध भांग एवं अफीम की खेती की समयबद्ध पहचान कर उसे नष्ट करने तथा ऐसे मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से अपने क्षेत्रों में अवैध खेती और नशे से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया।
बैठक में पुलिस अधीक्षक अभिषेक सेकर, एसडीएम कुल्लू डॉ. जयवंती सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।











