सुरभि न्यूज़
कुल्लू, 20 जुलाई
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अखिलेश कपूर ने प्रदेश सरकार द्वारा आउटसोर्स भर्ती व्यवस्था के संबंध में जारी नए नियमों को बेरोजगार युवाओं के हितों के खिलाफ बताते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार रोजगार देने के बजाय रोजगार के अवसरों पर ही बंदिशें लगाने में जुटी है।
अखिलेश कपूर ने कहा कि कांग्रेस ने वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश के युवाओं को पांच लाख स्थायी रोजगार देने की गारंटी दी थी, लेकिन सत्ता में आए साढ़े तीन वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी यह वादा पूरा नहीं हुआ। इसके विपरीत प्रदेश के विभिन्न विभागों, बोर्डों और निगमों में हजारों नियमित पद रिक्त पड़े हैं और अब आउटसोर्स रोजगार के अवसरों को भी सीमित किया जा रहा है।
भाजपा नेता ने कहा कि नए नियमों के तहत वित्त विभाग की पूर्व स्वीकृति के बिना कोई भी विभाग नई आउटसोर्स सेवाएं नहीं ले सकेगा और आउटसोर्स व्यवस्था को केवल अत्यावश्यक परिस्थितियों तक सीमित कर दिया गया है। इससे उन हजारों युवाओं के रोजगार के अवसर प्रभावित होंगे, जो आउटसोर्स व्यवस्था के माध्यम से रोजगार प्राप्त कर रहे हैं या रोजगार की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
कपूर ने कहा कि कांग्रेस सरकार का रवैया पूरी तरह विरोधाभासी है। एक ओर सरकार पांच लाख स्थायी रोजगार देने की अपनी चुनावी गारंटी पूरी नहीं कर पाई, वहीं दूसरी ओर अस्थायी रोजगार के अवसरों पर भी प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह निर्णय प्रदेश के युवाओं की उम्मीदों पर सीधा प्रहार और कांग्रेस सरकार की युवा विरोधी सोच का स्पष्ट प्रमाण है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के कार्यकाल में पारदर्शी, मेरिट आधारित और समयबद्ध भर्ती प्रक्रियाओं के माध्यम से 30000 से ज्यादा युवाओं को रोजगार दिया गया। इसके विपरीत वर्तमान सरकार में भर्ती प्रक्रियाएं धीमी पड़ी हैं और शिक्षित बेरोजगार युवा लगातार निराश हो रहे हैं।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि सरकार को तुरंत सभी विभागों में रिक्त पड़े नियमित पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। जब तक नियमित नियुक्तियां नहीं होतीं, तब तक आउटसोर्स भर्ती के अवसरों को सीमित करना पूरी तरह अनुचित और अव्यावहारिक है।
अखिलेश कपूर ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सरकार के इस युवा विरोधी निर्णय की कड़े शब्दों में निंदा करती है। उन्होंने मांग की कि आउटसोर्स भर्ती से जुड़े प्रतिबंधात्मक नियमों को तत्काल वापस लिया जाए, सभी रिक्त नियमित पदों पर शीघ्र भर्ती शुरू की जाए और युवाओं से किए गए पांच लाख स्थायी रोजगार के वादे को पूरा किया जाए।













