सुरभि न्यूज़
कुल्लू, 22 सितंबर
जिला कुल्लू में नशे की अवैध खेती और कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने कार्रवाई तेज करने का निर्णय लिया है। जिला स्तरीय नार्को को-ऑर्डिनेशन (NCORD) समिति की बैठक सोमवार को एडीएम सुरजीत सिंह राठौर की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में पुलिस अधीक्षक अभिषेक एस, जिला पर्यटन विकास अधिकारी रोहित शर्मा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में जिले में अवैध भांग और अफीम की खेती के उन्मूलन, नशे के अवैध कारोबार पर रोक, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक एस ने बताया कि पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुसार पुलिस, वन विभाग और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की टीमें जिले में अवैध नशे की खेती को नष्ट करने का अभियान तेज गति से चला रही हैं। उन्होंने बताया कि अब इस अभियान में आईटीबीपी का सहयोग भी लिया जाएगा।
28 संवेदनशील पंचायतों में पुलिस की मौजूदगी में होंगी बैठकें
एडीएम सुरजीत सिंह राठौर ने निर्देश दिए कि जिले की चिन्हित 28 संवेदनशील पंचायतों में नशा निवारण समितियों की बैठकें अनिवार्य रूप से पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित की जाएं। पुलिस विभाग को प्रत्येक थाना क्षेत्र में नशे के हॉटस्पॉट चिन्हित कर गश्त बढ़ाने तथा स्थानीय होटलों की नियमित जांच करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान को केवल कानून प्रवर्तन एजेंसियों तक सीमित नहीं रखा जा सकता। समाज, पंचायत प्रतिनिधियों, शिक्षण संस्थानों, स्वयंसेवी संगठनों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से ही नशामुक्त समाज का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
अवैध खेती के स्थान पर वैकल्पिक फसलों पर होगा अध्ययन
बैठक में कृषि एवं बागवानी विभाग को अवैध नशे की खेती वाले क्षेत्रों में लाभकारी वैकल्पिक नगदी फसलों एवं पौधों की संभावनाओं पर कार्य करने के निर्देश दिए गए। इसका उद्देश्य अवैध खेती से जुड़े लोगों को आय के बेहतर और वैध विकल्प उपलब्ध कराना है।
वहीं, भांग और अफीम के पौधों को नष्ट करने के लिए रासायनिक वीडिसाइड के पायलट स्तर पर इस्तेमाल की संभावनाओं को लेकर कृषि विज्ञान केंद्र बजौरा द्वारा विस्तृत अध्ययन किया जाएगा।
बैठक में एनडीपीएस अधिनियम से संबंधित मामलों में राजस्व विभाग के पास लंबित भूमि सीमांकन के 23 आवेदनों को शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए गए। वन विभाग को अपने अधिकार क्षेत्र में भूमि उपयोग पर निगरानी रखने और नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।
आगामी बैठकों में एसएसबी और आईटीबीपी के कमांडिंग अधिकारियों को भी विशेष रूप से शामिल करने का निर्णय लिया गया, ताकि नशे के खिलाफ अभियान में सुरक्षा बलों का सहयोग प्रभावी ढंग से सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में 14 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों में अल्कोहल, सिगरेट और तंबाकू के बढ़ते चलन पर गंभीर चिंता जताई गई। इसके मद्देनजर आबकारी एवं पुलिस विभाग को शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू, सिगरेट, फ्लेवर्ड टॉफी, चॉकलेट और हुक्का पार्लरों की कड़ी निगरानी करने के निर्देश दिए गए। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कोटपा अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई और अधिक से अधिक चालान सुनिश्चित करने को कहा गया।
एडीएम ने विद्यालयों और महाविद्यालयों में नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रमों को गति देने तथा युवाओं को खेलकूद, सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर भी जोर दिया। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को जिले में नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए।











