सुरभि न्यूज़
प्रताप अरनोट, कुल्लू
हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (HPSDMA) और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA), कुल्लू के सहयोग तथा Salesforce के समर्थन से बाल रक्षा भारत (Save the Children) ने Climate Smart Resilient Community Project–Phase III के तहत आपदा मित्र स्वयंसेवकों के लिए दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला आयोजित की। कार्यशाला 18 और 19 सितंबर को कुल्लू में आयोजित हुई, जिसमें आपदा के समय त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया के लिए स्वयंसेवकों को विभिन्न जीवन रक्षक कौशलों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला का शुभारंभ उपायुक्त कुल्लू सुरजीत सिंह राठौर ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने Climate Smart Resilient Community Initiative का कुल्लू में औपचारिक शुभारंभ भी किया।
उपायुक्त ने कहा कि आपदा के समय सही तैयारी, समय पर निर्णय और जीवन रक्षक कौशल अनेक लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आपदा मित्र पहल की सराहना करते हुए स्वयंसेवकों से प्रशिक्षण के दौरान हासिल व्यावहारिक ज्ञान को अपने-अपने क्षेत्रों में लागू करने तथा विद्यालयों और समुदायों में आपदा जागरूकता एवं जोखिम न्यूनीकरण की गतिविधियों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
आपदा मित्रों को दिए गए महत्वपूर्ण व्यावहारिक प्रशिक्षण
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को प्राथमिक उपचार, CPR, अग्नि सुरक्षा, खोज एवं बचाव, प्रारंभिक चेतावनी, आश्रय प्रबंधन, टीम समन्वय और आपातकालीन प्रतिक्रिया जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।
क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू एवं स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार, CPR और आपातकालीन प्रतिक्रिया से संबंधित प्रशिक्षण दिया। प्रतिभागियों ने स्वयं CPR और प्राथमिक उपचार तकनीकों का अभ्यास किया। अग्निशमन विभाग कुल्लू की ओर से अग्नि सुरक्षा एवं आग से बचाव पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। इसमें आग लगने की स्थिति में सुरक्षित प्रतिक्रिया, आवश्यक सावधानियों और अग्निशमन उपकरणों के इस्तेमाल का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया।
होम गार्ड एवं सिविल डिफेंस के विशेषज्ञों ने Search & Rescue, Team Coordination और Tool Handling का प्रशिक्षण दिया। इस दौरान काल्पनिक आपदा परिदृश्य पर आधारित मॉक ड्रिल भी करवाई गई, जिसमें प्राथमिक उपचार, खोज एवं बचाव, प्रारंभिक चेतावनी, आश्रय प्रबंधन तथा टीम समन्वय को एक साथ लागू करने का अभ्यास करायागया।विद्यालयों और समुदायों तक पहुंचेगा आपदा तैयारी का संदेश
बाल रक्षा भारत के Manager–DRR (Pan India) नवीन कुमार शुक्ला ने संस्था के मानवीय कार्यों, आपदा जोखिम न्यूनीकरण और हिमाचल प्रदेश में आपदा प्रतिक्रिया की यात्रा की जानकारी साझा की। उन्होंने Climate Smart Resilient Community Project की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
DDMA कुल्लू के राकेश कुमार ने जिले में परियोजना के क्रियान्वयन की जानकारी देते हुए कहा कि आपदा के प्रभाव को कम करने के लिए प्रशासन, विभिन्न विभागों, स्वयंसेवकों, विद्यालयों और समुदायों के बीच प्रभावी समन्वय जरूरी है।
कार्यशाला में आपदा मित्रों की विद्यालय एवं समुदाय स्तर पर भूमिका, सामुदायिक जागरूकता, मॉक ड्रिल, रिपोर्टिंग और दस्तावेजीकरण से संबंधित सत्र भी आयोजित किए गए। स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण के बाद अपने क्षेत्रों में विद्यालयों और स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर आपदा तैयारी संबंधी गतिविधियां संचालित करने के लिए प्रेरित किया गया।
होम गार्ड एवं सिविल डिफेंस के कमांडेंट विकास सकलानी ने आपदा मित्रों की भूमिका की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में जागरूकता एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया। कमल भंडारी ने भी खोज एवं बचाव, प्राथमिक उपचार, CPR तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया से जुड़े व्यावहारिक सत्रों में प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया।
कार्यशाला में DDMA कुल्लू के राकेश कुमार, जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (DEOC) के प्रशांत, DDEE ज्ञानी चंद, डॉ. कमल दत्ता कोहली, डॉ. सुरेश, CMO कार्यालय/क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू के प्रतिनिधि, होम गार्ड एवं सिविल डिफेंस के कमांडेंट विकास सकलानी एवं कमल भंडारी, फायर ऑफिसर अजय शर्मा, जूनियर ऑफिसर अशोक ठाकुर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं विशेषज्ञ मौजूद रहे।
दो दिवसीय कार्यशाला के समापन पर वैलेडिक्टरी सेशन, प्रतिभागियों का फीडबैक और लर्निंग शेयरिंग आयोजित की गई। जिला राजस्व अधिकारी (DRO) कुल्लू अनिल कुमार ने प्रशिक्षित आपदा मित्र स्वयंसेवकों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए।
समापन अवसर पर स्वयंसेवकों से प्रशिक्षण के दौरान हासिल ज्ञान और कौशल को केवल व्यक्तिगत स्तर तक सीमित न रखते हुए विद्यालयों, समुदायों और स्थानीय संस्थाओं तक पहुंचाने का आह्वान किया गया।
बाल रक्षा भारत के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर ऐसा प्रशिक्षित और समुदाय से जुड़ा स्वयंसेवक समूह तैयार करना है, जो आपदा से पहले तैयारी, आपदा के दौरान जीवन रक्षक प्रतिक्रिया और आपदा के बाद समुदाय की सहायता में प्रभावी भूमिका निभा सके।
HPSDMA एवं DDMA कुल्लू के सहयोग और Salesforce के समर्थन से संचालित यह पहल जिले के विद्यालयों एवं समुदायों को अधिक सुरक्षित, तैयार, जलवायु-स्मार्ट और आपदा-लचीला बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है।











