मोदी सरकार के कृषि अनुसंधान और किसान कल्याण के प्रयासों को नई ताकत देंगी सीपीआरआई की उन्नत आलू किस्में –  अखिलेश कपूर

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सुरभि न्यूज़

कुल्लू, 21 जुलाई

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के सदस्य व केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान (सीपीआरआई), शिमला की संस्थान प्रबंधन समिति (आईएमसी) के सदस्य एवं भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अखिलेश कपूर ने सीपीआरआई शिमला के वैज्ञानिकों द्वारा आलू की दो उन्नत किस्मों ‘कुफरी अभेद्य’ और ‘कुफरी रूबी’ को विकसित कर अधिसूचित करवाने की महत्वपूर्ण उपलब्धि पर पूरी वैज्ञानिक एवं अनुसंधान टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

अखिलेश कपूर ने कहा कि ‘कुफरी अभेद्य’ और ‘कुफरी रूबी’ का विकास वैज्ञानिकों की 12 वर्षों की अथक मेहनत, समर्पण और उत्कृष्ट अनुसंधान का परिणाम है। उन्होंने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए सीपीआरआई शिमला की पूरी रिसर्च टीम और सभी संबंधित वैज्ञानिकों को हार्दिक बधाई दी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की भाजपा सरकार ने कृषि और किसान कल्याण को प्राथमिकता देते हुए कृषि अनुसंधान, आधुनिक तकनीक और नवाचार को बढ़ावा दिया है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाओं के माध्यम से किसानों को आर्थिक सहायता, जोखिम से सुरक्षा और कृषि के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। कृषि अनुसंधान और नई तकनीकों के माध्यम से किसानों की उत्पादकता और आय बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।

अखिलेश कपूर ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए बेहतर बीज, उन्नत किस्में, आधुनिक कृषि तकनीक और वैज्ञानिक अनुसंधान बेहद महत्वपूर्ण हैं। इसी दृष्टि से सीपीआरआई द्वारा विकसित ‘कुफरी अभेद्य’ और ‘कुफरी रूबी’ जैसी नई किस्में किसानों के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगी। इनसे बेहतर उत्पादकता, रोगों से बचाव और उत्पादन लागत को नियंत्रित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की किसान-केंद्रित नीतियों और कृषि अनुसंधान को मिल रहे प्रोत्साहन से वैज्ञानिक संस्थानों की ऐसी उपलब्धियां किसानों के लिए नई संभावनाएं पैदा कर रही हैं। सीपीआरआई की यह उपलब्धि भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जिसका लाभ आने वाले समय में किसानों तक पहुंचेगा।

अखिलेश कपूर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सहित देश के पर्वतीय क्षेत्रों में बड़ी संख्या में किसानों की आजीविका आलू की खेती से जुड़ी है। विशेष रूप से ‘कुफरी अभेद्य’ जैसी उन्नत और रोग प्रतिरोधी किस्म पहाड़ी क्षेत्रों के आलू उत्पादकों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। इससे किसानों की उत्पादकता और आय बढ़ने के साथ उनकी आजीविका को भी मजबूती मिलेगी।

अखिलेश कपूर ने विश्वास जताया कि सीपीआरआई शिमला भविष्य में भी किसानों की जरूरतों, बदलती जलवायु और बाजार की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आलू की और अधिक उन्नत एवं किसान हितैषी किस्मों के विकास के लिए अनुसंधान और नवाचार जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों का यह उत्कृष्ट कार्य कृषि क्षेत्र को मजबूत करने और किसानों की आय एवं आजीविका बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

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