अफीम रखने में दो दोषियों को दो-दो वर्ष तथा चरस के तस्करी मामले में एक दोषी को 13 वर्ष की अदालत ने सुनाई कारावास की सजा  

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सुरभि न्यूज़
कुल्लू, 23 जुलाई
विशेष न्यायाधीश-प्रथम, कुल्लू  प्रकाश चंद राणा की अदालत ने एनडीपीएस अधिनियम की धारा 18 के तहत दोषी पाए गए दो आरोपियों मेघ सिंह पुत्र राम सिंह तथा गंभीर सिंह पुत्र विजय राम, दोनों निवासी गांव धारा, डाकघर ब्रेहण, उप तहसील सैंज, जिला कुल्लू को दो-दो वर्ष के कठोर कारावास तथा 12-12 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोनों दोषियों को तीन-तीन माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
जिला न्यायवादी कुल्लू कुलभूषण गौतम ने बताया कि 17 जुलाई 2019 को एसआई राम लाल के नेतृत्व में एसएनसीसी एवं एफयू कुल्लू की पुलिस टीम बजौरा में नाकाबंदी एवं नियमित गश्त पर तैनात थी। इसी दौरान मेघ सिंह और गंभीर सिंह को पुलिस ने एक मारुति ईको वाहन (एचपी-66-5534) सहित पकड़ा। वाहन के डैशबोर्ड में रखे बैग से 410 ग्राम अफीम बरामद हुई।
इस बरामदगी के आधार पर थाना भुंतर में एफआईआर संख्या 145/19 दर्ज की गई। पुलिस ने मामले की जांच पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। अभियोजन पक्ष ने मामले को सिद्ध करने के लिए न्यायालय में 12 गवाहों के बयान दर्ज करवाए। साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए उपरोक्त सजा सुनाई।
एक अन्य मामले में विशेष न्यायाधीश-प्रथम, कुल्लू, प्रकाश चंद राणा की अदालत ने एनडीपीएस अधिनियम की धारा 20 के तहत दोषी पाए गए झुडू राम पुत्र वेद राम, निवासी गांव गलिंगचा, डाकघर बठाहड़, तहसील बंजार, जिला कुल्लू को 13 वर्ष के कठोर कारावास तथा 1 लाख 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में आरोपी को 30 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
जिला न्यायवादी कुल्लू कुलभूषण गौतम ने बताया कि 18 अक्तूबर 2022 को एसआई नारायण लाल के नेतृत्व में स्पेशल इन्वेस्टिगेटिंग यूनिट (एसआईयू) कुल्लू की पुलिस टीम मादक पदार्थों की तस्करी की रोकथाम के लिए गश्त पर थी। पूर्व सूचना के आधार पर चिपनी समीप तुंग स्थान पर झुडू राम के कब्जे से 3.115 किलोग्राम चरस बरामद की गई।
इस बरामदगी के आधार पर थाना बंजार में एफआईआर संख्या 136/22 दर्ज की गई। पुलिस ने मामले की जांच पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। अभियोजन पक्ष ने आरोप सिद्ध करने के लिए न्यायालय में 13 गवाहों के बयान दर्ज करवाए। साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए उपरोक्त सजा सुनाई।

 

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