सुरभि न्यूज़
कुल्लू, 24 सितम्बर
जिला कुल्लू में लंबे समय से लंबित विवादों के शीघ्र एवं कम खर्च में समाधान के उद्देश्य से ‘मध्यस्थता राष्ट्र के लिए 3.0’ अभियान शुरू किया गया है। अभियान के माध्यम से जिला एवं तालुका न्यायालयों में लंबित ऐसे मामलों को मध्यस्थता के जरिए सुलझाने का प्रयास किया जाएगा, जिनमें पक्षकार आपसी सहमति से विवाद का समाधान कर सकते हैं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कुल्लू के सचिव एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विशाल तिवारी ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को विवादों के वैकल्पिक समाधान के प्रति जागरूक करना और लंबे समय से लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करना है। मध्यस्थता के माध्यम से पक्षकार न्यायालयीन प्रक्रिया को लंबा किए बिना आपसी सहमति से विवाद का समाधान खोज सकते हैं।
उन्होंने बताया कि अभियान के तहत विभिन्न प्रकार के मामलों को मध्यस्थता के दायरे में लाया जाएगा। इनमें पारिवारिक विवाद, संपत्ति विवाद, मोटर वाहन दुर्घटना से संबंधित मामले, घरेलू हिंसा, चेक बाउंस, वाणिज्यिक विवाद, सेवा संबंधी मामले, समझौता योग्य आपराधिक मामले, उपभोक्ता विवाद तथा ऋण वसूली से जुड़े मामले प्रमुख रूप से शामिल हैं।
इसके अलावा विभाजन एवं बेदखली के मुकदमों, भूमि अधिग्रहण तथा अन्य उपयुक्त नागरिक मामलों को भी मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाने का प्रयास किया जाएगा। इसका उद्देश्य न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम करने के साथ-साथ पक्षकारों को आपसी सहमति से विवाद समाप्त करने का अवसर उपलब्ध कराना है।
विशाल तिवारी ने कहा कि मध्यस्थता प्रक्रिया गोपनीय, त्वरित और कम खर्चीली होती है। इसमें दोनों पक्ष एक प्रशिक्षित मध्यस्थ की सहायता से बातचीत के माध्यम से अपने विवाद का समाधान तलाशते हैं। आपसी सहमति से निकला समाधान पक्षकारों के लिए समय और संसाधनों की बचत करने में भी सहायक हो सकता है।
उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे अपने लंबित विवादों के शीघ्र समाधान के लिए मध्यस्थता का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि जब तक सभी लंबित मामलों का समाधान नहीं हो जाता, तब तक यह अभियान जारी रहेगा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने लोगों से अपील की है कि वे मध्यस्थता की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी प्राप्त करें और आपसी सहमति से सुलझाए जा सकने वाले मामलों में इस वैकल्पिक व्यवस्था का लाभ उठाकर विवादों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें।











