सुरभि न्यूज़
प्रताप अरनोट, 28 जुलाई
सूत्रधार कला संगम कुल्लू के लिए यह अत्यंत हर्ष और गौरव का विषय है कि संस्था अपने गौरवशाली 49 वर्ष पूर्ण कर स्वर्ण जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुकी है । अपने लगभग पाँच दशकों के सांस्कृतिक सफर में संस्था ने कला, संस्कृति एवं समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देते हुए हिमाचल प्रदेश, देश के विभिन्न राज्यों तथा विदेशों तक अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की विशिष्ट पहचान स्थापित की है।
संस्था ने अब तक 14 बार राष्ट्रीय युवा उत्सवों में हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व लोकनृत्य, लोकगीत, एकांकी तथा शास्त्रीय गायन-वादन की विभिन्न विधाओं में किया है । राष्ट्रीय स्तर पर वर्ष 2008 में हारमोनियम वादन में कांस्य पदक, 2009 में बांसुरी वादन में रजत पदक तथा 2016 में लोकगीत विधा में स्वर्ण पदक प्राप्त कर प्रदेश का नाम राष्ट्रीय पटल पर गौरवान्वित किया है। कला संरक्षण के साथ-साथ संस्था समाज सेवा के क्षेत्र में भी निरंतर सक्रिय भूमिका निभाती रही है।
संस्था अध्यक्ष दिनेश सेन ने बताया कि संस्था का मुख्य उद्देश्य उभरती युवा प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना, भारतीय सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करना तथा समाज सेवा के माध्यम से सकारात्मक सामाजिक चेतना का विकास करना है। इसी उद्देश्य को साकार करते हुए वर्ष 2005 से सूत्रधार भवन में सूत्रधार संगीत अकादमी का सफल संचालन किया जा रहा है।
संगीत अकादमी के प्राचार्य पं० विद्या सागर के कुशल मार्गदर्शन में शास्त्रीय गायन, वादन, कत्थक नृत्य एवं लोक कलाओं का नियमित प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। उनके निर्देशन में प्रशिक्षित अनेक विद्यार्थियों ने राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट उपलब्धियाँ अर्जित कर संस्था तथा प्रदेश का गौरव बढ़ाया है ।
इन्हीं सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए संस्था द्वारा गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर “21वाँ सूत्रधार गुरु पूर्णिमा महोत्सव” का आयोजन 29 जुलाई 2026 (बुधवार) को दोपहर 3:00 बजे से देव सदन, कुल्लू के सभागार में किया जाएगा।
इस कार्यक्रम में सुरजीत सिंह राठौर, अतिरिक्त उपायुक्त कुल्लू मुख्यातिथि के रूप में शिरकत करेंगे। गुरु पूर्णिमा भारतीय संस्कृति में महर्षि वेदव्यास को समर्पित गुरु-शिष्य परंपरा का पावन पर्व है, जो ज्ञान, संस्कार और श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है। इसी अवसर पर सूत्रधार संगीत अकादमी के प्रशिक्षु अपने गुरु पं० विद्या सागर के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करते हुए गीत-संगीत एवं नृत्य की मनोहारी सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देंगे ।
इस वर्ष का आयोजन विशेष रूप से ऐतिहासिक एवं स्मरणीय रहेगा, क्योंकि कार्यक्रम के दौरान सूत्रधार कला संगम के स्वर्ण जयंती वर्ष के विशेष स्मृति-लोगो का भव्य अनावरण किया जाएगा । साथ ही संस्था के स्वर्ण जयंती वर्ष के वार्षिक कार्यक्रमों का कैलेंडर भी विधिवत प्रकाशित किया जाएगा। यह विशेष लोगो संस्था की पाँच दशकों की सांस्कृतिक यात्रा, उपलब्धियों, मूल्यों एवं भविष्य के संकल्पों का प्रतीक होगा तथा आगामी स्वर्ण जयंती वर्ष के सभी आयोजनों की आधिकारिक पहचान बनेगा।
यह संगीतमय सांस्कृतिक संध्या सभी कला प्रेमियों, संगीत साधकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं आम जनमानस के लिए पूर्णतः निःशुल्क रहेगी। संस्था ने जिला कुल्लू सहित समस्त प्रदेश के कला प्रेमियों एवं नागरिकों से आग्रह किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा तथा हिमाचली सांस्कृतिक विरासत को समर्पित इस गरिमामयी आयोजन के सहभागी बनें।











