सुरभि न्यूज़
बिलासपुर/चांदपुर, 03 अगस्त
महर्षि व्यास की कर्मभूमि बिलासपुर में कल्याण कला मंच की मासिक संगोष्ठी का आयोजन वरिष्ठ नागरिक सभागार में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुरेंद्र मिन्हास ने की। अपने संबोधन में उन्होंने समाज में बुजुर्गों की उपेक्षा और फोरलेन निर्माण के बाद जिला मुख्यालय में बढ़ती वीरानी तथा चौपट होते कारोबार पर गंभीर चिंता व्यक्त की।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना, काले बाबा की प्रतिमा पर माल्यार्पण और मंगल ध्वनि के साथ हुआ। वरिष्ठ साहित्यकार जीत राम सुमन ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की, जबकि जगदीश सहोता ने मंगल ध्वनि से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
इस अवसर पर साहित्य और समाज सेवा के क्षेत्र में योगदान के लिए तेज़ राम तेजस और कर्मवीर कंडेरा को ‘काले बाबा सम्मान’ से सम्मानित किया गया। उन्हें पुष्पहार, प्रशस्ति पत्र और दुर्गा माता का दिव्य रक्षा कवच भेंट कर सम्मानित किया गया। समारोह में सुखराम आज़ाद मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
दूसरे सत्र में आयोजित कवि सम्मेलन में प्रदेश के कवियों और साहित्यकारों में हमीद खान, अनिल शर्मा नील, अमर नाथ धीमान, शिव नाथ सहगल, रविन्द्र शर्मा, पूनम शर्मा, रामपाल डोगरा, जीत राम सुमन, जगदीश सहोता, रविद्र कमल चंदेल, सुमन चड्ढा, कर्मवीर कंडेरा, राकेश मिन्हास, चिंता देवी, श्याम सुन्दर सहगल, तेज़ राम तेजस, सुशील पुंडीर, निगाह, हुसैन अली, बाबू राम धीमान, जय महलवाल, ओंकार कपिल सुरेन्द्र मिन्हास ब सुख राम आज़ाद सभी ने सामाजिक सरोकार, विस्थापन, पर्यावरण, रिश्तों, देशभक्ति और मानवीय संवेदनाओं पर आधारित रचनाओं का प्रभावशाली पाठ किया। कविताओं को श्रोताओं ने खूब सराहा और तालियों से उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम में मंच के मुख्य संयोजक अमरनाथ धीमान, इंदु कपिल सहित अनेक साहित्यकार और गणमान्य लोग मौजूद रहे। मंच संचालन कल्याण कला मंच के महासचिव बाबू राम धीमान ने किया।












