सुरभि न्यूज़
बंजार (परस राम भारती)
हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने बंजार उपमंडल की फलाचन घाटी में एक बार फिर तबाही मचा दी है। ग्राम पंचायत मशियार के अंतर्गत फलाचन नदी और घलिंगचा नाला में आए तेज बहाव से एक स्थायी पुल और दो अस्थायी पुलियां बह गईं। इसके चलते मशियार, कमेडा, मझली, थानेगढ़ समेत आसपास के कई गांवों का संपर्क प्रभावित हो गया है। अब ग्रामीणों के पास नदी पार करने के लिए केवल तार स्पेन झूला ही सहारा बचा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन को समय रहते संभावित खतरे से अवगत कराया गया था, लेकिन आवश्यक कदम नहीं उठाए गए। फलाचन वैली युवक मंडल, मशियार ने 1 अगस्त को उपायुक्त कुल्लू को ज्ञापन सौंपकर जर्जर लकड़ी की डिफी को लेकर चेतावनी दी थी और तत्काल सुरक्षा उपायों के साथ स्थायी पुल निर्माण की मांग की थी। ज्ञापन में कहा गया था कि प्रतिदिन महिलाएं, स्कूली बच्चे, बुजुर्ग, किसान और मरीज जान जोखिम में डालकर इस रास्ते से आवाजाही करने को मजबूर हैं।
युवक मंडल ने मजबूत लकड़ी के फट्टे लगाने, दोनों ओर रेलिंग बनाने और स्थायी पुल निर्माण के लिए शीघ्र बजट स्वीकृत कराने की मांग भी उठाई थी। इस मुद्दे को स्थानीय लोगों ने प्रिंट और सोशल मीडिया के माध्यम से भी प्रमुखता से उठाया, लेकिन भारी बारिश के बाद एक स्थायी पुल और दो अस्थायी पुलियां बह जाने से हालात और गंभीर हो गए।
अब क्षेत्र के लोगों को तार स्पेन झूले के सहारे नदी पार करनी पड़ रही है, जिससे स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा उपाय किए जाते और पुल निर्माण प्रक्रिया में तेजी लाई जाती, तो आज यह स्थिति पैदा नहीं होती।
इस बीच लोक निर्माण विभाग बंजार के सहायक अभियंता राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि दोगडा में फलाचन नदी पर वाहन योग्य पुल का निर्माण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई)-4 के तहत स्वीकृत है, लेकिन टेंडर प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि नदी का जलस्तर कम होने के बाद अस्थायी पुल और अन्य सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी, जबकि स्थायी पुल का निर्माण टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद शुरू होगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल एक पुल का मामला नहीं, बल्कि हजारों लोगों की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था तत्काल उपलब्ध कराई जाए तथा स्थायी पुल निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र शुरू किया जाए, ताकि फलाचन घाटी के लोगों की आवाजाही जल्द सामान्य हो सके












