गयेटी थिएटर में प्रो. रणजोध सिंह की ‘मैली कमीज़’ और शुगन रनोट की ‘इज दा हाउस हंटेड’ का लोकार्पण

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सुरभि न्यूज़ 

प्रताप अरनोट, शिमला

भाषा विभाग शिमला और कीकली चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से आयोजित साहित्यिक कार्यक्रम ‘मीमांसा-4’ में नालागढ़ के वरिष्ठ साहित्यकार प्रो. रणजोध सिंह की लघुकथा संग्रह ‘मैली कमीज़’ तथा दून वैली पब्लिक स्कूल की दसवीं कक्षा की छात्रा शुगन रनोट की पुस्तक ‘इज दा हाउस हंटेड’ का लोकार्पण किया गया।

कार्यक्रम शिमला के ऐतिहासिक गयेटी थिएटर में आयोजित हुआ।
देश के चुनिंदा साहित्यकारों की प्रकाशित पुस्तकों पर चर्चा और समीक्षा के लिए आयोजित यह कार्यक्रम 19 से 21 अगस्त तक चल रहा है। साहित्य में रुचि रखने वाले स्कूली एवं कॉलेज विद्यार्थियों के साथ-साथ वरिष्ठ और युवा लेखक भी इसमें भाग ले रहे हैं।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रसिद्ध साहित्यकार शोभा थरूर श्रीनिवासन रहीं। ‘मैली कमीज़’ पर आयोजित चर्चा में डॉ. आशु खोसला ने मॉडरेटर की भूमिका निभाई, जबकि स्कूली विद्यार्थियों सुजल शर्मा, आशना और शगुन रनोट ने पैनल के रूप में पुस्तक पर अपने विचार साझा किए।
शुगन रनोट की ‘इज दा हाउस हंटेड’ उनकी दूसरी पुस्तक है। उन्होंने यह पुस्तक हिमाचल प्रदेश की युवा साहित्यकार मीनाक्षी चौधरी के मार्गदर्शन में लिखी है। कार्यक्रम में युवा लेखन और विद्यार्थियों की साहित्यिक प्रतिभा को विशेष रूप से सराहा गया।

प्रो. रणजोध सिंह की पुस्तक ‘आईना’ (काव्य संग्रह) वर्ष 2024 में आयोजित ‘मीमांसा-2’ के लिए भी चयनित हो चुकी है। प्रो. सिंह हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ साहित्यकार हैं। अब तक उनकी ‘आईना’ (काव्य संग्रह), ‘कैंथ का पेड़’ (कहानी संग्रह) और ‘मैली कमीज़’ (लघुकथा संग्रह) सहित 15 साझा संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं।

उनकी कविताएं, कहानियां, लघुकथाएं, व्यंग्य और संस्मरण देश के विभिन्न समाचार पत्रों और साहित्यिक पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहे हैं। उनकी कई रचनाओं का नाट्य रूपांतरण भी हुआ है और कुछ को पुरस्कार मिल चुके हैं। उनकी रचनाओं का विभिन्न भारतीय भाषाओं में अनुवाद भी हुआ है।
प्रो. रणजोध सिंह साहित्य के माध्यम से स्कूली और कॉलेज विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों के प्रसार के लिए भी सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। वे शिक्षण संस्थानों में जाकर कहानियों, लघुकथाओं और कविताओं की कार्यशालाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को साहित्य से जोड़ते हैं।

नालागढ़ साहित्य कला मंच के अध्यक्ष हरिराम धीमान, नालागढ़ पेंशनर्स एवं सीनियर सिटीजन के अध्यक्ष नरेश घई तथा क्षेत्र के अन्य साहित्यकारों ने प्रो. रणजोध सिंह की उपलब्धि को नालागढ़ के लिए गौरव का विषय बताया। उन्होंने कहा कि उनके साहित्यिक योगदान से क्षेत्र के युवा और विद्यार्थी भी प्रेरित हो रहे हैं।

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