भेखली बस हादसा : 47 सीटर बस में 80 सवारियाँ, पहाड़ी से टकराकर बची 80 जिंदगियाँ, ग्रामीण रूटों पर बसों की किल्लत बनी वजह

Listen to this article

सुरभि न्यूज़ : कुल्लू 

भेखली-ब्यासर सड़क हादसे की प्रारंभिक जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ है। प्रत्यक्षदर्शियों और यात्रियों के अनुसार, कटाहर के पास तीखे मोड़ पर ओवरलोड चलती बस की अचानक ब्रेक फेल हो गई थी, जिससे बड़ा हादसा होते-होते बचा।

जांच में सामने आया है कि 47 सीटों की क्षमता वाली इस बस में क्षमता से कहीं अधिक 80 लोग सवार थे। लगातार ढलान और अत्यधिक बोझ के कारण बस की ब्रेक गर्म होकर फेल हो गई। स्थिति को भांपते हुए चालक ने अदम्य साहस का परिचय दिया और बस को खाई में गिरने से बचाने के लिए सीधी पहाड़ी से टकरा दिया।

​पहाड़ी से टकराते ही बस के परखच्चे उड़ गए और सीटें भी उखड़ गईं, लेकिन चालक की त्वरित सूझबूझ से 80 यात्रियों की जान बच गई। हालांकि, इतनी अत्यधिक ओवरलोड बस चलाने को लेकर चालक की लापरवाही भी सामने आ रही है। सवारियां अधिक होने पर बस अड्डे से अतिरिक्त बस मंगवाई जा सकती थी।

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि भेखली-ब्यासर जैसे दुर्गम ग्रामीण रूटों पर एचआरटीसी (HRTC) की बस सेवाएं बेहद सीमित हैं। दिनभर में केवल 2 से 3 बसें चलने के कारण लोगों को मजबूरी में ओवरलोड बसों, पायदान और छत पर सफर करना पड़ता है। रक्षाबंधन जैसे प्रमुख त्योहार पर भी विभाग द्वारा कोई अतिरिक्त बस नहीं लगाई गई थी।

ग्रामीणों ने प्रशासन और परिवहन विभाग से मांग की है कि ​रक्षाबंधन और अन्य त्योहारों के दौरान ग्रामीण रूटों पर विशेष बसें चलाई जाएं। ​बसों में जानलेवा ओवरलोडिंग पर सख्त रोक लगाई जाए। ​ग्रामीण क्षेत्रों में एचआरटीसी की नियमित बस फेरियों (trips) की संख्या बढ़ाई जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *