सुरभि न्यूज़
प्रताप अरनोट, शिमला (हिमाचल प्रदेश)
भारत सरकार की ‘नवरत्न’ सीपीएससी कंपनी एसजेवीएन लिमिटेड (SJVN Limited) ने 31 अगस्त 2026 को अपने कॉरपोरेट मुख्यालय शिमला से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC/OAVM) के जरिए अपनी 38वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) का सफलतापूर्वक आयोजन किया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए कंपनी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री भूपेंद्र गुप्ता ने शेयरधारकों को संबोधित किया और वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी की प्रचालन, वित्तीय और रणनीतिक उपलब्धियों को प्रस्तुत किया।
वित्तीय वर्ष 2025-26 की मुख्य उपलब्धियां
1. रिकॉर्ड बिजली उत्पादन और क्षमता में वृद्धि
- वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान एसजेवीएन ने 1,730 मेगावाट की नई क्षमता जोड़ी।
- कंपनी ने अपने सभी प्रचालनरत पावर स्टेशनों से 13,302.39 मिलियन यूनिट (MU) का अब तक का सर्वोच्च वार्षिक विद्युत उत्पादन हासिल किया।
- नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्टेशन (1500 MW): अपनी कमीशनिंग के बाद से 150 बिलियन यूनिट बिजली उत्पादन का ऐतिहासिक आंकड़ा पार किया। इसका संयंत्र उपलब्धता फैक्टर (PAF) 96.84% रहा।
- रामपुर जलविद्युत स्टेशन (412 MW): 2,108 मिलियन यूनिट का रिकॉर्ड बिजली उत्पादन किया।
- नैटवाड़ मोरी जलविद्युत स्टेशन (60 MW): 310.36 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन कर अपनी डिज़ाइन ऊर्जा से लगभग 17% अधिक प्रदर्शन किया।
2. सुदृढ़ वित्तीय प्रदर्शन और लाभांश
- राजस्व: समेकित आधार पर राजस्व बढ़कर ₹4,722.81 करोड़ (गत वर्ष ₹3,376.50 करोड़) हो गया।
- कर पूर्व लाभ (PBT): बढ़कर ₹1,200.63 करोड़ रहा।
- कर पश्चात लाभ (PAT): समेकित PAT ₹641.85 करोड़ तथा स्टैंडएलोन PAT बढ़कर ₹1,007.90 करोड़ (गत वर्ष ₹970.18 करोड़) पहुंचा।
- कुल लाभांश: ₹1.15 प्रति शेयर के अंतरिम लाभांश के बाद ₹0.35 प्रति शेयर के अंतिम लाभांश को मंजूरी दी गई। इस प्रकार वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कुल लाभांश ₹1.50 प्रति इक्विटी शेयर तय किया गया।
3. सौर व ताप ऊर्जा क्षेत्र में विस्तार
- 1000 मेगावाट बीकानेर सौर परियोजना (राजस्थान) और 70 मेगावाट धुबरी सौर परियोजना (असम) पूरी क्षमता के साथ कमीशन हुईं।
- बक्सर ताप विद्युत परियोजना (1320 MW): 660 मेगावाट की यूनिट-I ने वाणिज्यिक प्रचालन शुरू किया, जिससे एसजेवीएन ने बड़े पैमाने पर ताप विद्युत क्षेत्र में प्रवेश किया। यूनिट-II (660 MW) जल्द कमीशन होने की राह पर है।
4. निर्माणाधीन परियोजनाएं
- नेपाल की 900 मेगावाट अरुण-3 जलविद्युत परियोजना का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है।
- भारत में 382 मेगावाट सुन्नी बांध, 210 मेगावाट लूहरी स्टेज-I और 69.50 मेगावाट धौलासिद्ध जलविद्युत परियोजनाओं के निर्माण में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई।
वर्ष 2026-27 की शुरुआत और भविष्य के लक्ष्य
श्री भूपेंद्र गुप्ता ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में बिहार में 75 मेगावाट जमुई सौर ऊर्जा परियोजना के चालू होने के साथ कंपनी का कुल प्रचालनात्मक पोर्टफोलियो 4,271.50 मेगावाट तक पहुंच गया है।
एसजेवीएन ने कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत ₹30.72 करोड़ का निवेश स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल विकास कार्यों में किया है। कंपनी ने वर्ष 2030 तक 500 गीगावॉट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता और वर्ष 2070 तक भारत के ‘नेट-ज़ीरो’ उत्सर्जन लक्ष्य में पूर्ण योगदान देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी:
बैठक के दौरान निदेशक (कार्मिक) श्री अजय कुमार शर्मा, निदेशक (वित्त) श्री पार्थजीत डे, निदेशक (परियोजनाएं) श्री राजेश कुमार चंदेल, विद्युत मंत्रालय के अपर सचिव श्री दिवाकर नाथ मिश्रा, स्वतंत्र निदेशक श्रीमती आरती कुजूर, विद्युत मंत्रालय के प्रतिनिधि श्री संतोष कुमार, हिमाचल सरकार के प्रतिनिधि श्री रमन घरसंघी और कंपनी सचिव श्री सौमेंद्र दास प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।









