सुरभि न्यूज़
प्रताप अरनोट, केलांग : 1 अक्टूबर
जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में साहसिक पर्यटन (एडवेंचर टूरिज्म) को बढ़ावा देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की गई है। बुधवार को जिला मुख्यालय केलांग से करीब छह किलोमीटर दूर शाशूर स्थित पैराग्लाइडिंग साइट पर सफल ट्रायल किया गया। इस दौरान पैराग्लाइडिंग पायलट ने निर्धारित लैंडिंग साइट पर पूरी तरह सुरक्षित लैंडिंग की। इस सफल परीक्षण के बाद अब इस साइट को आधिकारिक तौर पर अधिसूचित करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
सफल ट्रायल के दौरान एसडीएम एवं जिला पर्यटन अधिकारी कुनिका एकर्स, पर्वतारोहण संस्थान के निदेशक अविनाश नेगी, फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर गिमनर सिंह, एमओ डॉ. संजय दत्त, केलांग के पूर्व प्रधान सोनम जांगपो, स्थानीय पायलट टशी दावा, विभाग के आरओ संजय कुमार तथा बीओ विशाल कुमार सहित अन्य गणमान्य अधिकारी और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
एसडीएम एवं जिला पर्यटन अधिकारी कुनिका एकर्स ने इस अवसर पर कहा कि शांशा मठ के समीप पैराग्लाइडिंग का यह सफल ट्रायल लाहौल-स्पीति में पर्यटन संभावनाओं के नए द्वार खोलेगा। उन्होंने बताया कि इस गतिविधि के शुरू होने से यहां आने वाले पर्यटकों को रोमांच का एक अनूठा अनुभव मिलेगा।
उन्होंने विशेष रूप से रेखांकित किया कि इस साइट के विकसित होने से साहसिक पर्यटन के साथ-साथ धार्मिक पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा। पर्यटक एक ही यात्रा के दौरान रोमांचक गतिविधि का आनंद लेने के साथ-साथ प्राचीन मठ के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व से भी रूबरू हो सकेंगे। इससे शांशा और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है।
प्रशासन का मानना है कि पैराग्लाइडिंग जैसी साहसिक गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। पायलट, गाइड, टूर ऑपरेटर, परिवहन, होमस्टे और अन्य पर्यटन आधारित सेवाओं का सीधा लाभ स्थानीय लोगों को मिल सकेगा।
जिला प्रशासन की ओर से लाहौल-स्पीति में पर्यटन की संभावनाओं को तराशने के साथ-साथ पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। पैराग्लाइडिंग के सुचारू संचालन के दौरान सभी निर्धारित सुरक्षा मानकों और नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।











