चौहार घाटी व छोटा भंगाल में पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी और मिनी वर्कशॉप खोलने की पूर्व सूबेदार रामसरन चौहान ने केंद्र सरकार से लगाई गुहार

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सुरभि न्यूज़

खुशी राम ठाकुर, बरोट

जिला मंडी की दुर्गम एवं पर्यटन की दृष्टि से तेजी से विकसित हो रही चौहार घाटी और छोटाभंगाल क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की कमी अब स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। क्षेत्रवासियों ने केंद्र सरकार से बरोट अथवा आसपास के क्षेत्र में पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी तथा मिनी वर्कशॉप स्थापित करने की मांग उठाई है।

बरोट पंचायत के थुजी गांव निवासी एवं पूर्व सूबेदार रामसरन चौहान ने कहा कि लगभग 15 वर्ष पूर्व तत्कालीन केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान एक विशेष दौरे पर हिमाचल प्रदेश आए थे। उस दौरान प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए प्रदेश में चार से छह गैस एजेंसियां स्वीकृत करने की घोषणा की गई थी। इसके साथ ही प्रदेश की जनता की मांग पर पेट्रोल पंप स्थापित करने की बात भी सार्वजनिक मंच से कही गई थी। हालांकि, लंबे समय के बाद भी चौहार घाटी और छोटाभंगाल क्षेत्र में पेट्रोल पंप की सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है।

रामसरन चौहान के अनुसार चौहार घाटी का बरोट, झटिंगरी, फुलाधार तथा छोटाभंगाल घाटी के मुल्थान, राजगुन्धा, बड़ा ग्रां, नलहौता, प्लाचक और पनिहारटू जैसे रमणीक एवं पर्यटन स्थल तेजी से विकसित हो रहे हैं। इन क्षेत्रों की प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण पर्यटकों को लगातार आकर्षित कर रहा है। हर वर्ष बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक इन पर्यटन स्थलों का रुख करते हैं।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां बढ़ने के बावजूद यहां अभी तक एक भी पेट्रोल पंप नहीं है। ऐसे में पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय वाहन चालकों को भी ईंधन के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। इससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त खपत होती है। विशेषकर दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में वाहन लेकर आने वाले पर्यटकों के लिए यह समस्या और अधिक गंभीर हो जाती है।
उन्होंने कहा कि घाटी में वाहनों की संख्या बढ़ने के बावजूद मिनी वर्कशॉप या वाहन मरम्मत की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध नहीं है। पर्यटकों या स्थानीय लोगों के वाहनों में अचानक तकनीकी खराबी आने पर उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार वाहन की छोटी सी खराबी को ठीक करवाने के लिए भी काफी दूर जाना पड़ता है।

वहीं, गैस एजेंसी की सुविधा न होने से स्थानीय लोगों को घरेलू गैस सिलेंडर भरवाने के लिए भी दूर-दराज के क्षेत्रों का रुख करना पड़ता है। इससे क्षेत्र के लोगों का समय और अतिरिक्त खर्च दोनों बढ़ रहे हैं।

पूर्व सूबेदार रामसरन चौहान ने कहा कि चौहार घाटी और छोटाभंगाल में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। यदि यहां आवश्यक आधारभूत सुविधाएं विकसित की जाएं तो पर्यटन को और बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

उन्होंने घाटीवासियों की ओर से केंद्र सरकार और संबंधित विभागों से मांग की है कि क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों और बढ़ती पर्यटन गतिविधियों को देखते हुए बरोट क्षेत्र में पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी और मिनी वर्कशॉप स्थापित करने की दिशा में जल्द ठोस कदम उठाए जाएं। इससे स्थानीय जनता के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को भी बड़ी राहत मिलेगी और क्षेत्र के पर्यटन विकास को गति मिलेगी।

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