सुरभि न्यूज़ / कुल्लू, 4 अक्तूबर
हिमाचल प्रदेश के मत्स्य विभाग के निदेशक एवं प्रारक्षी मत्स्य ओमकांत ठाकुर ने रविवार को कुल्लू और लाहौल-स्पीति में विभाग की विभिन्न गतिविधियों एवं विकासात्मक कार्यों का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को विभागीय परियोजनाओं में तेजी लाने और सभी विकासात्मक कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
निदेशक ने ट्राउट फार्म पतलीकुहल में निर्माणाधीन हिमाचल प्रदेश के पहले ट्राउट ब्रूड बैंक का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाते हुए परियोजना को निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए। ब्रूड बैंक के शुरू होने से प्रदेश में उच्च गुणवत्ता वाले ट्राउट ब्रूड स्टॉक की उपलब्धता को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
ओमकांत ठाकुर ने पतलीकुहल फार्म में तैयार की जा रही रेडी-टू-ईट सोमकड ट्राउट फिश कैनिंग यूनिट का भी निरीक्षण किया। उन्होंने यूनिट में स्थापित की जाने वाली मशीनरी और अन्य उपकरणों की जानकारी ली तथा इन्हें जल्द स्थापित करने के निर्देश दिए, ताकि फिश प्रोसेसिंग यूनिट का संचालन शीघ्र शुरू किया जा सके।
उन्होंने कहा कि ट्राउट मछली के प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन से मत्स्य उत्पादों को बाजार में बेहतर अवसर मिल सकते हैं तथा इससे विभाग और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
वर्ष 2025 में भारी बारिश और आपदा के कारण ट्राउट फार्म पतलीकुहल की जलापूर्ति लाइन और वाटर इनटेक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। निदेशक ने मौके पर पहुंचकर जलापूर्ति व्यवस्था की बहाली के लिए स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जल शक्ति विभाग कटराईं के अधिकारियों और संबंधित कार्यकारी एजेंसी के साथ विस्तृत चर्चा की।
उन्होंने इस महत्वपूर्ण कार्य को तत्काल शुरू करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए, ताकि ट्राउट फार्म की गतिविधियां प्रभावित न हों और मत्स्य उत्पादन को सुचारू बनाए रखा जा सके।
निदेशक ने पतलीकुहल फार्म में संचालित प्रदेश की पहली कोल्ड वाटर रिसर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम (आरएएस) का भी निरीक्षण किया। उन्होंने यहां पल रही ट्राउट मछलियों की प्रगति का जायजा लिया और इस प्रणाली को मत्स्य विभाग की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
इसके अलावा उन्होंने ट्राउट फार्म पतलीकुहल के अधीन संचालित ट्राउट हैचरी बटाहर में पल रहे ट्राउट ब्रूड स्टॉक का निरीक्षण किया। उन्होंने आगामी महीनों में होने वाले ट्राउट प्रजनन के दौरान बेहतर परिणाम मिलने की उम्मीद जताई।
लाहौल-स्पीति में मत्स्य विभाग की गतिविधियों को विस्तार देने के उद्देश्य से निदेशक ने सिस्सू में विभागीय भूमि का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि यहां विभागीय कार्यालय शुरू करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने सिस्सू झील में एंगलिंग पर्यटन शुरू करने की संभावनाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने कहा कि सिस्सू झील में एंगलिंग पर्यटन शुरू होने से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने के साथ-साथ विभाग के राजस्व में भी वृद्धि होने की संभावना है।
निरीक्षण के दौरान सहायक अभियंता जल शक्ति विभाग कटराईं, उप निदेशक ट्राउट फार्म पतलीकुहल, अधिशासी अभियंता हिमाचल प्रदेश एक्वाकल्चर फिशिंग एंड मार्केटिंग सोसाइटी, कनिष्ठ अभियंता मत्स्य निदेशालय बिलासपुर तथा वरिष्ठ मत्स्य अधिकारी पतलीकुहल सहित विभाग के अन्य अधिकारी एवं तकनीकी कर्मचारी मौजूद रहे।











