सुरभि न्यूज़
खुशी राम ठाकुर, बरोट
चौहार घाटी तथा छोटाभंगाल घाटी में सोमवार देर रात से मौसम खराब रहने के कारण एक बार फिर मौसम ने करवट बदल ली है। मंगलवार दोपहर बाद घाटियों के निचले क्षेत्रों और दुर्गम गांवों में बारिश का दौर शुरू हो गया, जबकि ऊंची पर्वतमालाओं में ताजा हिमपात हुआ। बारिश और बर्फबारी के कारण क्षेत्र में ठंड का प्रकोप भी बढ़ गया है।
मौसम के अचानक बिगड़ने से किसानों और सब्जी उत्पादकों की परेशानियां बढ़ गई हैं। इन दिनों चौहार घाटी तथा छोटाभंगाल घाटी के किसान खेतों में पूरी तरह पक चुकी आलू, राजमाह, मटर सहित अन्य नगदी फसलों को निकालकर बाजार तक पहुंचाने में जुटे हुए हैं। इसके अलावा किसान सर्दियों के लिए घास का भंडारण भी कर रहे हैं। ऐसे समय में शुरू हुई बारिश ने उनके कृषि कार्य को प्रभावित कर दिया है।
घाटी के किसान डागी राम, दयाल सिंह और सुख राम ने बताया कि मंगलवार दोपहर बाद निचले क्षेत्रों में जमकर बारिश हुई, जबकि ऊंची पर्वतमालाओं में ताजा बर्फबारी हुई है। बारिश और बर्फबारी के कारण तापमान में गिरावट आने से ठंड काफी बढ़ गई है।
मौसम खराब होने के चलते मंगलवार दोपहर बाद दुर्गम गांवों के लोग अपने घरों में रहने को मजबूर रहे। वहीं बरोट, लक्कड़ बाजार, लंबा डग, मुल्थान, लोहारड़ी, टिक्कन और थल्टूखोड़ सहित अन्य बाजारों में व्यापारी ठंड से बचने के लिए कोयले की अंगीठी और हीटर का सहारा लेते नजर आए।
किसानों का कहना है कि यदि आगामी दिनों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहता है तो खेतों में तैयार फसलों को समेटने में और अधिक परेशानी हो सकती है। इससे नगदी फसलों को नुकसान होने की आशंका भी बनी हुई है।











