हरियाणा के भिवानी में कैथल दिवस पर कैथल गौरव गीत का लोक-समर्पण, काव्य गोष्ठी में कवियों ने बांधा समां

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सुरभि न्यूज़

भिवानी, हरियाणा : 01 नवंबर (डाॅ. तेजिन्द्र )

वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. तेजिन्द्र की रचना को पूजा राउत और धीरज योगी ने दी आवाज, साहित्यकारों ने की गीत की सराहना

अखिल भारतीय साहित्य परिषद की कैथल इकाई की ओर से हरियाणा एवं कैथल दिवस के अवसर पर कैथल गौरव गीत का लोक-समर्पण किया गया। कैथल के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. तेजिन्द्र द्वारा रचित इस गीत को सोमिका फिल्म्स, भिवानी ने प्रस्तुत किया है। इस अवसर पर काव्य गोष्ठी का भी आयोजन किया गया, जिसमें वरिष्ठ साहित्यकारों के साथ नवोदित कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।

कैथल नगर के जवाहर पार्क स्थित सेवा संघ भवन के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में साहित्यिक और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़ी अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में साहित्य सभा कैथल के संरक्षक एवं वरिष्ठ साहित्यकार प्रो. अमृत लाल मदान, संगीत विशारद एवं वयोवृद्ध साहित्यकार श्याम सुंदर शर्मा गौड़, सेवा संघ कैथल के महासचिव अशोक भारती तथा हिंदी-हरियाणवी गजलकार रिसाल जांगड़ा सहित अनेक साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में एक नई परंपरा की शुरुआत करते हुए किसी एक व्यक्ति को मुख्य अतिथि और अध्यक्ष बनाने के बजाय सभी उपस्थितजनों को मुख्य अतिथि एवं अध्यक्ष घोषित किया गया।

इस दौरान प्रोजेक्ट डायरेक्टर आनंद प्रकाश ‘आर्टिस्ट’ के निर्देशन में कैथल गौरव गीत का लोक-समर्पण किया गया। डॉ. तेजिन्द्र द्वारा लिखे इस गीत को पूजा राउत और धीरज योगी ने अपनी आवाज दी है। गीत का संगीत संयोजन धीरज योगी ने किया, जबकि इसकी रिकॉर्डिंग अमित जांगड़ा ने आनंद कला मंच, भिवानी के रिकॉर्डिंग स्टूडियो में की।

उपस्थित साहित्यकारों और गणमान्य लोगों ने गीत को बड़े मनोयोग से सुना तथा डॉ. अशोक कुमार द्वारा लिए गए वीडियो बाइट्स के माध्यम से अपने विचार साझा किए। सभी ने गीत की धुन, गायन और संगीत संयोजन की सराहना की।

इस अवसर पर प्रो. अमृत लाल मदान ने कहा कि कैथल गौरव गीत केवल कैथल शहर का गीत नहीं, बल्कि यह कैथल की आत्मा है। उन्होंने कहा कि डॉ. तेजिन्द्र द्वारा कागज पर रचे गए इस गीत को नए स्वरूप में प्रस्तुत करने और संगीतबद्ध करवाने में प्रोजेक्ट डायरेक्टर आनंद प्रकाश ‘आर्टिस्ट’ की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

कार्यक्रम में उपस्थितजनों ने गीत के लोक-समर्पण पर इससे जुड़ी पूरी टीम को बधाई दी। साथ ही गीत के लोकप्रिय होने की कामना करते हुए इसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने और प्रचारित-प्रसारित करने का आश्वासन दिया।

काव्य गोष्ठी के माध्यम से कार्यक्रम में साहित्यिक रंग भी देखने को मिला। वरिष्ठ एवं नवोदित कवियों ने अपनी काव्य रचनाएं प्रस्तुत कर साहित्य प्रेमियों की खूब सराहना प्राप्त की। इस आयोजन ने कैथल की साहित्यिक, सांस्कृतिक और संगीत परंपरा को नई पहचान देने का संदेश दिया।

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