धर्मशाला डाक मंडल के अधीक्षक के खिलाफ डाक कर्मचारियों का धरना-प्रदर्शन, कर्मचारियों ने लगाए मानसिक प्रताड़ना और मनमानी कार्रवाई के आरोप

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सुरभि न्यूज़
धर्मशाला, 2 नवंबर

भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध भारतीय डाक कर्मचारी संघ हिमाचल प्रदेश ने अधीक्षक डाकघर, धर्मशाला मंडल की कथित तानाशाहीपूर्ण एवं कर्मचारी-विरोधी कार्यशैली के खिलाफ सोमवार को कार्यालय के बाहर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में धर्मशाला मंडल के अलावा देहरा एवं शिमला डाक मंडल के कर्मचारियों ने भी भाग लेकर संगठन के प्रति एकजुटता दिखाई।
धरने में प्रदेशाध्यक्ष आकांक्षा सूद, प्रदेश सचिव प्रवीण कुमार सलूरिया, पत्र वाहक एवं एमटीएस के प्रदेश सचिव दीपक कुमार, देहरा मंडल सचिव रोहित तथा धर्मशाला मंडल सचिव विपन ठाकुर विशेष रूप से उपस्थित रहे।

धरने को संबोधित करते हुए प्रदेश सचिव प्रवीण कुमार सलूरिया ने आरोप लगाया कि धर्मशाला मंडल में कर्मचारियों के साथ लगातार अन्याय और मानसिक प्रताड़ना की जा रही है। निर्धारित लक्ष्यों को पूरा नहीं करने का हवाला देकर कर्मचारियों को चार्जशीट जारी कर भय एवं दबाव का माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय स्पष्टीकरण के जवाब में इस्तेमाल किए गए सरकारी कागज को भी अनुशासनात्मक कार्रवाई का आधार बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक डाकघर की भौगोलिक परिस्थितियां, जनसंख्या, कार्यक्षेत्र और उपलब्ध संसाधन अलग-अलग हैं। ऐसे में सभी डाकघरों पर एक समान लक्ष्य थोपना व्यावहारिक और न्यायसंगत नहीं है। लक्ष्य पूरा करने के दबाव में कर्मचारियों को अपने वेतन और निजी संसाधनों से खाते खुलवाने तक के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। संगठन के अनुसार, कुछ कर्मचारियों ने अपने और परिवार के सदस्यों के नाम पर 2,000 से 2,200 तक खाते खुलवाने के लिए अपनी जेब से धन खर्च किया है। इसके बावजूद उन्हें प्रोत्साहित करने के बजाय प्रताड़ित किया जा रहा है।

सलूरिया ने कहा कि विभागीय नीतियों के अनुचित क्रियान्वयन और अव्यावहारिक आदेशों पर असहमति जताने वाले कर्मचारियों को चार्जशीट एवं अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ता है। इससे कर्मचारियों में भय, असुरक्षा और मानसिक तनाव बढ़ रहा है। जीडीएस, पोस्टमैन, डाक सहायक और एमटीएस सहित विभिन्न संवर्गों के कर्मचारी इस स्थिति से प्रभावित हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्मचारी विभाग की प्रगति और जनसेवा के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विभागीय लक्ष्यों की आड़ में शोषण और मानसिक उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कर्मचारियों को सम्मानजनक व्यवहार और भयमुक्त कार्य वातावरण उपलब्ध करवाना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

इस दौरान संगठन ने 13 अक्तूबर, 2026 को मुख्य पोस्टमास्टर जनरल, हिमाचल प्रदेश परिमंडल को सौंपे गए ज्ञापन का हवाला देते हुए मांग की कि अधीक्षक डाकघर, धर्मशाला मंडल की कार्यशैली और कर्मचारियों की शिकायतों की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच करवाई जाए। साथ ही, जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।

संगठन ने चेतावनी दी कि यदि कर्मचारियों की जायज मांगों पर शीघ्र संज्ञान लेकर उन्हें न्याय नहीं दिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल और भूख हड़ताल जैसे कदम भी उठाए जाएंगे। संगठन ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा, सम्मान और कार्यस्थल पर भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित करने के लिए संघर्ष जारी रहेगा।

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