सूत्रधार कला संगम के लोकनृत्य दल ने अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा में हासिल किया दूसरा स्थान

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सुरभि न्यूज़
प्रताप अरनोट, कुल्लू

हिमाचल प्रदेश की अग्रणी सांस्कृतिक संस्था सूत्रधार कला संगम, कुल्लू की ओर से सूत्रधार भवन के सभागार में पुरस्कार वितरण एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव के दौरान लोकनृत्य प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान हासिल करने वाले संस्था के लोकनृत्य दल तथा सेमी क्लासिकल नृत्य की शानदार प्रस्तुति देने वाले कलाकारों को सम्मानित किया गया।

संस्था के अध्यक्ष दिनेश सेन ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव के अंतर्गत आयोजित लोकनृत्य प्रतियोगिता में सूत्रधार कला संगम के लोकनृत्य दल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि संस्था के साथ-साथ पूरे कुल्लू जिले के लिए गौरव की बात है। उन्होंने बताया कि दशहरा उत्सव के दौरान संस्था के कलाकारों ने ऐतिहासिक लाल चंद प्रार्थी कला केंद्र में लोकनृत्य की चार शानदार प्रस्तुतियां भी दीं, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा।

लोकनृत्य प्रभारी सीमा शर्मा एवं प्रशिक्षक सुंदर श्याम महंत के मार्गदर्शन में कलाकारों ने कुल्लू की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक नृत्य शैलियों और सांस्कृतिक विरासत की मनमोहक झलक प्रस्तुत की। दल में तरुण कान्त सभरवाल, चाँद, रजनीश ठाकुर, पवन ठाकुर, अक्षय, निशांत महंत, परीक्षित, तारा शर्मा, ट्विंकल ठाकुर, रेखा ठाकुर, रितिका, सुष्मिता, शबनम, शैलजा, ट्विंकल, धनवंती, संजय पुजारी और जीवन बुडाल शामिल रहे।
वहीं, संस्था के सेमी क्लासिकल नृत्य दल ने भी अपनी आकर्षक एवं भावपूर्ण प्रस्तुति से दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। संगीत अकादमी के प्राचार्य पं. विद्या सागर के नेतृत्व में रेखा ठाकुर, तारा शर्मा, सोनाक्षी शर्मा, सुष्मिता, निशा, इशिता, मोहिनी और कादम्बिनी शर्मा ने नृत्य प्रतिभा, बेहतर तालमेल और शानदार मंचीय कौशल का परिचय दिया।

कुल्लू दशहरा उत्सव के दौरान आयोजित शास्त्रीय संगीत गायन एवं वादन कार्यक्रमों में भी सूत्रधार संगीत अकादमी के प्रशिक्षुओं और कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। पं. विद्या सागर, निशांत गौतम, जीवन बुडाल, संजय पुजारी, निशांत महंत, अमित महंत और दीनदयाल ने गायन एवं वादन की शानदार प्रस्तुतियों से कार्यक्रमों को यादगार बनाया।

सम्मान समारोह में संस्था के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने कलाकारों की मेहनत, लगन, अनुशासन और सामूहिक समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से कुल्लू की लोक संस्कृति और पारंपरिक नृत्य शैलियों को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित करने के साथ युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का सराहनीय कार्य किया है। इस अवसर पर सभी कलाकारों को बधाई देते हुए सम्मानित किया गया।

संस्था अध्यक्ष दिनेश सेन ने कहा कि सूत्रधार कला संगम पिछले 49 वर्षों से कला, संस्कृति, लोक परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ समाज सेवा के क्षेत्र में भी निरंतर सक्रिय है। संस्था का उद्देश्य नई प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना, युवाओं को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना और हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाना है।

समारोह में संस्था के उपाध्यक्ष कंवर वीरेंद्र सिंह, महासचिव अतुल गुप्ता, वित्त सचिव जोगिन्दर ठाकुर, भंडार प्रभारी तिलक राज चौधरी, सचिव मंजू लता शर्मा एवं हितेश गोगी, प्रचार-प्रसार प्रभारी सुंदर श्याम महंत, लोकनृत्य प्रभारी सीमा शर्मा, सहप्रभारी धर्मेन्द्र शर्मा, पं. विद्या सागर, आमंत्रित सदस्य निशांत गौतम, जीवन बुडाल एवं संजय पुजारी तथा प्रबंधक उत्तम चंद सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

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