भाग्य अपना अपना है कोई झोपड़ी में ख़ुश है तो कोई महलों में भी रोता है
सुरभि न्यूज़ नरेंद्र भारती, मंडी भाग्य अपना अपना है कोई झोपड़ी में ख़ुश है तो कोई महलों में भी रोता है। भाग्य किसी की बपोती नहीं होती, कर्म से भाग्य को बदला जा सकता है बस अच्छे कर्म करते रहिए। सभी का अपना अपना भाग्य होता है। कहते हैं जैसाContinue Reading


















