सुरभि न्यूज़
ख़ुशी राम ठाकुर, बरोट
प्रदेशभर में स्मार्ट बिजली मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिसके चलते विद्युत् विभाग के अधिकारी व कर्मचारी पंचायत स्तर
पर शिविर लगाकर लोगों को जानकारी देकर स्मार्ट मीटर लगाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। मगर उसके बाद भी प्रदेशभर के विद्युत्
उपभोक्ता स्मार्ट मीटर लगाने की किसी भी तरह तैयार नहीं हो रहे हैं।
प्रदेशभर में समाचार के माध्यम से अक्सर यहीं देखने व सुनने को मिल रहा है कि विद्युत उपभोक्ता इसका कड़ा विरोध कर रहा है और धरना – प्रदर्शन करने के लिए भी उतर रहे हैं। सरकार के इस कठोर निर्णय से समूचे प्रदेश के उपभोक्ता काफी नाराज़ हो गए हैं।
छोटाभंगाल के नलहौता महिला मंडल की प्रधान रमिता देवी तथा चेलरा दी मलाह की प्रधान शांता देवी ने बताया कि उन्होंने स्मार्ट मीटर न लगाने के लिए घाटी की समस्त महिला मंडल की प्रधानों को सूचित कर दिया है कि अपने – अपने गाँवों में बैठक कर सभी महिला मंडल व गाँववासी मिलकर तहसील मुख्यालय मुल्थान में इसके विरोध में विशाल रैली निकालेंगी। तहसीलदार मुल्थान तथा विद्युत् उपमंडल बरोट के सहायक अभियंता को प्रस्ताव पारित करेगी तथा उनके माध्यम से मुख्यमंत्री को भी प्रस्ताव प्रेषित करेगी ।
उन्होंने कहा कि छोटा भंगाल में किसी भी सूरत में स्मार्ट मीटर को लगाने नहीं दिया जाएगा । उन्हें कहा कि स्मार्ट मीटर लगाने की यह योजना बिजली के वितरण के नीजिकरण करने, सब्सिडी बंद करने, कर्मचारियों की छंटनी करने तथा पेंशन को बंद करने की शुरुआत है।
उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति अधिनियम – 1948 और राज्य बिजली बोर्ड को नियंत्रित करने वाले सामान अधिनियमों में जिस
सामान्य सिद्धातों का पालन किया गया था वह सामाजिक, आर्थिक विकास और समाजिक ट्रैफिक की अवधारण पर जोर देना है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा देश भर में स्मार्ट मीटर लगाने की अनुमति दे दी गई है मगर वह सरासर गलत दी गई है । ये मीटर स्मार्ट फोन की तरह ही प्रीपेड और पोस्टपेड होंगे और जैसे ही उनका रिचार्ज सामाप्त होगा उपभोक्ताओं के घरों की बिजली दो – तीन दिन पहले चेतावनी देने के बाद अगर फिर से रिचार्ज नहीं किया तो उसी समय ही बिजली काट दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं के घरों में लगाए जाने वाले ये स्मार्ट मीटर सरेआम उपभोक्ताओं को लुटने का कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि समय पूर्व स्मार्ट मीटर की योजना को रोकने के लिए सभी उपभोक्ता एक जुट नहीं नहीं हुए तो फिर से गरीबों और मध्यम वर्ग के लिए बार – बार रिचार्ज करने के लिए पैसे नहीं हो पाएंगे तो वे बिजली के बगैर ही रह जाएंगे इसलिए प्रदेश के आम विद्युत उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए केंद्र तथा प्रदेश सरकार को चाहिए कि स्मार्ट मीटर लगाने के वजाए पुराने मीटर को यथावत ही रहने दें।










