सुरभि न्यूज़
उदयपुर, लाहौल-स्पीति
छेरिंग दोरजे उदयपुर में इस इंतजार में था कि उसकी पत्नी सोमान अंगमो और 6 महीने की बेटी आरू वापस आएंगी। उसे क्या पता था कि कुछ ही घंटों बाद वह हमेशा के लिए उससे जुदा हो जाएगी।
शुक्रवार सुबह छेरिंग अपनी पत्नी और बेटी को छोड़ने तिंदी तक गया। उसी गाड़ी में उसने पत्नी और मासूम बेटी आरू को बिठाया और वापस उदयपुर लौट आया। रास्ते में ही कडू नाले में चट्टान गिरने से गाड़ी हादसे का शिकार हो गई।
छेरिंग उदयपुर पहुंचा ही था कि उसे पत्नी और बेटी के हादसे में मौत की खबर मिली। खबर सुनते ही वह बेसुध हो गया। उसका सब कुछ उजड़ चुका था, रो-रोकर कर बुरा हाल है। परिजन और गांव वाले उसे ढांढस बंधा रहे हैं।
मयाड़ घाटी के लोअर छालिंग में मातम छाया हुआ है। हादसे में सोमान अंगमो पत्नी छेरिंग दोरजे और उसकी 6 महीने की बेटी आरू की मौत ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया है।
जानकारी के अनुसार सोमान अंगमो मूल रूप से पांगी के परमार गांव की रहने वाली थी। उसकी शादी करीब 3 साल पहले मयाड़ घाटी के लोअर छालिंग निवासी छेरिंग दोरजे से हुई थी। बताया जा रहा है कि वह कुछ दिन पहले अपनी बेटी का चेकअप कराने आई थी और वापसी में अपनी मासूम बेटी के साथ मायके पांगी जा रही थी।
पति छेरिंग ने उन्हें तिंदी तक छोड़ा और घर लौट आया। लेकिन किसे पता था कि ये आखिरी विदाई होगी। इस हादसे ने एक घर ही नहीं, पूरे मयाड़ घाटी को गम में डुबो दिया है।
सर ये पूरी तरह से मानवीय एंगल वाली खबर है। ऐसे चलाएं या थोड़ा और शॉर्ट करूं?









