सुरभि न्यूज़
विशेष रिपोर्ट | लाहौल-पांगी (हिमाचल प्रदेश)
हिमाचल प्रदेश के लाहौल-पांगी सीमा पर शुक्रवार (24 जुलाई) को हुए एक दर्दनाक हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। कडू नाला के पास पहाड़ से अचानक गिरी विशालकाय चट्टान ने एक सूमो टैक्सी को पूरी तरह से अपनी चपेट में ले लिया। इस भीषण हादसे में वाहन में सवार 13 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि, इस दर्दनाक त्रासदी के बीच एक ऐसा चमत्कार भी सामने आया है, जिसे सुनकर हर कोई हैरान है।
चंबा जिले की पांगी तहसील के उदीन गांव निवासी 33 वर्षीय बिकर सिंह इस भयावह हादसे में सुरक्षित बचने वाले इकलौते खुशनसीब यात्री हैं। हादसे के प्रत्यक्षदर्शी बिकर सिंह ने बताया कि घटना से ठीक पहले सड़क पर कुछ पत्थर गिरे हुए थे, जिन्हें हटाने के लिए वे खुद अन्य यात्रियों के साथ गाड़़ी से नीचे उतरे थे। रास्ता साफ होने के बाद जब बाकी 13 यात्री दोबारा सूमो में बैठ गए, तब बिकर सिंह ने आगे सड़क की स्थिति जांचने के लिए पैदल ही कुछ कदम आगे बढ़ने का फैसला किया।
बिकर सिंह का कह्ना है की मुझे आशंका थी कि आगे भी सड़क पर मलबा हो सकता है, इसलिए मैं गाड़ी में बैठने के बजाय पैदल ही थोड़ा आगे निकल गया। बस कुछ ही सेकेंड हुए थे कि पीछे से एक जोरदार धमाके की आवाज आई। मुड़कर देखा तो पहाड़ से एक विशाल चट्टान सीधे सूमो पर गिर चुकी थी।
कुल्लू से इलाज कराकर घर लौट रहे बिकर सिंह का मानना है कि इतनी बड़ी त्रासदी से उनका बचना केवल कोई इत्तेफाक नहीं, बल्कि उनकी कुलदेवी का असीम आशीर्वाद है। उन्होंने भावुक होकर कहा कि जीवनदान मिलने के बाद वे सबसे पहले अपनी कुलदेवी के दरबार में जाकर माथा टेकेंगे।
इस हृदयविदारक घटना ने 13 परिवारों की खुशियां पलभर में छीन ली हैं। पूरे हिमाचल में इस समय शोक की लहर है, वहीं लोग बिकर सिंह के सुरक्षित बचने को आस्था और चमत्कार का अनूठा उदाहरण मान रहे हैं।










