सुरभि न्यूज़
खुशी राम ठाकुर (बरोट): छोटाभंगाल और चौहर घाटी में बीते लगभग एक सप्ताह से जारी हल्की वर्षा के बाद वीरवार देर रात से शुक्रवार को दिनभर हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारी बारिश के चलते दोनों घाटियों में जगह-जगह भूस्खलन होने से वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचा है।
घाटियों को जोड़ने वाले मुख्य बरोट-घटासनी मार्ग पर ‘गुराहला’ नामक स्थान पर वीरवार देर रात भारी ल्हासा (भूस्खलन) गिरने से यातायात पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। हालांकि घाटी के अन्य संपर्क मार्गों पर गिरे छोटे मलबे और पत्थरों को लोक निर्माण विभाग ने तुरंत हटाकर रास्ते बहाल कर दिए थे, लेकिन गुराहला में स्थिति गंभीर बनी रही।
हादसे में बाल-बाल बचे पर्यटक लोक निर्माण विभाग की टीम जेसीबी मशीन की मदद से शुक्रवार सुबह गुराहला के पास रास्ता बहाल करने के करीब थी, लेकिन दोपहर लगभग 12:30 बजे बारिश के दौरान अचानक ऊपर से भारी मलबे के साथ एक विशालकाय पेड़ आ गिरा। इस दौरान वहां से गुजर रही शिमला से आई एक गाड़ी (HP 22 C 4950) मलबे की चपेट में आकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। गाड़ी में सवार पर्यटक शिवम और विशाल (जो बरोट घूमने के बाद शिमला लौट रहे थे) इस हादसे में बाल-बाल बच गए।
मौके पर मौजूद लोक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता (JE) पूर्ण चंद ने बताया कि दोनों घायलों को तुरंत एक निजी वाहन के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टिक्कन पहुंचाया गया। स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सचित्र ने पुष्टि की कि शिवम और विशाल को केवल हल्की खरोंचें आई हैं और प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई है।
यातायात ठप, यात्री परेशान बारिश और लगातार गिर रहे मलबे के बावजूद लोक निर्माण विभाग मार्ग को खोलने के प्रयास में जुटा है। JE पूर्ण चंद ने बताया कि यदि मौसम साफ होता है तो जल्द ही सड़क बहाल कर दी जाएगी। समाचार लिखे जाने तक मुख्य मार्ग पूरी तरह बंद था। इसके चलते मियोट, बड़ाग्रां और लोहारडी में रात्रि ठहराव करने वाली चार निजी बसों सहित दर्जनों छोटे वाहन बरोट, लंबाहडग और मुल्थान में ही फंसे रहे, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बैराज के 3-4 गेट खोले गए मूसलाधार बारिश से उहल और लंबाहडग मुख्य नदियों तथा सहायक नालों का जलस्तर काफी बढ़ गया है। स्थिति को देखते हुए बरोट स्थित पंजाब राज्य बिजली बोर्ड के बैराज के 3 से 4 गेट शुक्रवार को दिनभर खुले रखे गए। पंजाब राज्य बिजली बोर्ड के हेडवर्क्स के सहायक अभियंता हरमन जीत ने बताया कि उहल नदी में कुल 2,204 क्यूसेक पानी का बहाव आ रहा है, जिसमें से 940 क्यूसेक पानी इनटेक किया जा रहा है और 1,100 क्यूसेक पानी बैराज से बाहर छोड़ा जा रहा है।











