सुरभि न्यूज़
प्रताप अरनोट, कुल्लू : 07 अगस्त
बुनकर सेवा केंद्र कुल्लू द्वारा आज देव सदन, कुल्लू में राष्ट्रीय हथकरघा दिवस का आयोजन अत्यंत उत्साह एवं गरिमा के साथ किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में सहायक आयुक्त डॉ. जयबन्ती ठाकुर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. जयबन्ती ठाकुर ने हथकरघा क्षेत्र में बुनकर सेवा केंद्र कुल्लू द्वारा प्रदान की जा रही सहायता और तकनीकी ज्ञान की सराहना की। उन्होंने कहा कि कुल्लू जिले में बड़ी संख्या में लोग इस व्यवसाय से जुड़े हैं, जिन्होंने अपनी पारंपरिक बुनाई शैली को देश ही नहीं बल्कि विदेशों तक पहचान दिलाई है। अब कुल्लू की वुलन साड़ी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध हो चुकी है। हथकरघा ग्रामीण आजीविका का मुख्य साधन है और यहाँ के कई बुनकरों ने अपनी उत्कृष्ट कला के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार तक हासिल किए हैं।
डॉ. ठाकुर ने बुनकरों के कठिन परिश्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि बुनकर बेहतरीन उत्पाद निर्मित कर रहे हैं, लेकिन उन्हें मेहनत के अनुरूप उचित मूल्य नहीं मिल पाता। उन्होंने बुनकर सेवा केंद्र के अधिकारियों को सुझाव दिया कि वे बुनकरों के उत्पादों की बिक्री का दायरा बढ़ाने और उचित दाम दिलाने के लिए बड़े ऑनलाइन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के साथ काम करने की संभावनाएँ तलाशें।
समारोह की शुरुआत में बुनकर सेवा केंद्र कुल्लू के कार्यालयाध्यक्ष अनिल साहू ने मुख्य अतिथि को पारंपरिक कुल्लवी शॉल एवं टोपी पहनाकर सम्मानित किया तथा सभी उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया।
इसके बाद उपनिदेशक विनय कुमार ने भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय द्वारा बुनकरों के कल्याण एवं विकास के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वस्त्र मंत्रालय (विकास आयुक्त – हथकरघा) के अधीन यह केंद्र हिमाचल प्रदेश के लगभग 10 हजार बुनकरों की आर्थिकी को मजबूत करने के लिए प्रयासरत है। यह केंद्र नाममात्र शुल्क पर कपड़ा नमूने, पेपर डिजाइन और रंगाई-बुनाई की नई तकनीकों का प्रशिक्षण व सहायता प्रदान करता है।
कार्यक्रम में सेउबाग पॉलिटेक्निक कॉलेज के प्रधानाचार्य एवं निफ्ट के पूर्व निदेशक डॉ. पुनीत सूद ने हथकरघा क्षेत्र में नवाचार, डिजिटल तकनीक और ई-कॉमर्स के महत्व पर प्रकाश डाला। इसके अलावा जिला उद्योग केंद्र कुल्लू की प्रबंधक प्रवीण लता, खादी बोर्ड के विवेक कुमार और हिम बुनकर के सेवानिवृत्त प्रबंधक आनंद दोरजे ने भी अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम के अंत में केंद्र द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं, वस्त्र मंत्रालय की योजनाओं के लाभार्थियों, राष्ट्रीय पुरस्कार व प्रमाण पत्र प्राप्तकर्ताओं तथा हथकरघा क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले बुनकरों को मुख्य अतिथि द्वारा पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में हथकरघा उद्योग से जुड़े लोग उपस्थित रहे।













