सुरभि न्यूज़
प्रताप अरनोट, सोलन (हिमाचल प्रदेश)
जिला सोलन पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “एंटी चिट्टा अभियान” के तहत नशा तस्करों पर शिकंजा कसते हुए उनके अवैध वित्तीय साम्राज्य को ध्वस्त करने की दिशा में एक बड़ी सफलता हासिल हुई है। सोलन पुलिस ने वर्ष 2022 में दर्ज NDPS Act के एक मामले में व्यापक वित्तीय जांच (Comprehensive Financial Investigation) के बाद आरोपी हेमंत शर्मा और उसके परिवार द्वारा अवैध रूप से अर्जित 2.43 करोड़ से अधिक की चल-अचल संपत्तियों एवं वित्तीय निवेश को विधि अनुसार फ्रीज कर दिया है।
6.37 ग्राम चिट्टे से खुली अवैध नेटवर्क की परतें
मामले का खुलासा फरवरी 2022 में हुआ था, जब थाना धर्मपुर पुलिस टीम ने जाबली के पास वाहन चेकिंग के दौरान महिन्द्रा बोलेरो (HP64A-0518) से 6.37 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद की थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपी उमेश ठाकुर और हेमंत शर्मा को गिरफ्तार कर अदालत में चालान पेश किया था।
2026 में दोबारा गिरफ्तारी और वित्तीय जांच का दायरा
वर्ष 2022 का मामला अदालत में विचाराधीन होने के बावजूद आरोपी हेमंत शर्मा ने नशा तस्करी नहीं छोड़ी। जनवरी 2026 में थाना धर्मपुर पुलिस ने सनवारा टोल प्लाजा के पास उसकी ऑल्टो K-10 कार (HP15B-2275) के फुटमैट के नीचे छिपाई गई 4 ग्राम चिट्टा/हेरोइन फिर बरामद की।
दोनों मामलों में आरोपी द्वारा केवल नकद लेनदेन (Cash Transactions) का प्रयोग किया जाता था ताकि बैंकिंग रिकॉर्ड से बचा जा सके। इसके बाद पुलिस ने स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 (NDPS Act) के अध्याय V-A के तहत वित्तीय अन्वेषण शुरू किया।
होटल की आड़ में चिट्टा तस्करी और शून्य आय में करोड़ों का साम्राज्य
वित्तीय जांच में सामने आया कि आरोपी हेमंत शर्मा के खिलाफ दोनों मुख्य मामले उसके पिता के स्वामित्व वाले होटल (सनवारा) के आसपास ही दर्ज हुए थे। इससे स्पष्ट हुआ कि आरोपी होटल की आड़ में चिट्टा तस्करी चला रहा था और इस अवैध कारोबार में आरोपी व उसके पिता के बीच सीधा संबंध (Operational Nexus) था।
राजस्व विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी हेमंत शर्मा और उसकी माता की आय शून्य दर्ज है। डाक विभाग से सेवानिवृत्त पिता की आधिकारिक वार्षिक आय मात्र 5,600 पाई गई। इसके बावजूद पिछले 6 वर्षों में आरोपी और उसके परिवार ने अवैध कमाई का बड़ा हिस्सा रियल एस्टेट, वाहनों और डाकघर खातों में निवेश किया।
संपत्तियां हुईं फ्रीज
पुलिस जांच के बाद लगभग 2.43 करोड़ मूल्य की संपत्तिया फ्रीज की गई जिनमें ऑल्टो K-10 (HP15B-2275) तथा ब्रेजा (HP98-0787), अचल संपत्ति में गांव मातला स्थित रिहायशी मकान की मरम्मत, सनवारा स्थित संपत्ति व होटल की मरम्मत, नए आवासीय/व्यावसायिक परिसरों का निर्माण तथा अन्य भूमि/प्लॉटों की खरीद शामिल है। वित्तीय निवेश में डाक विभाग में जमा धनराशि भी शामिल है। इस जब्ती की अंतिम स्वीकृति एवं आगामी विधिक कार्रवाई के लिए मामला Competent Authority & Administrator, New Delhi को भेज दिया गया है।
आपराधिक इतिहास और सोलन पुलिस का सख्त संदेश
जांच में यह भी पाया गया कि आरोपी हेमंत शर्मा के खिलाफ NDPS Act, आबकारी अधिनियम और मारपीट से संबंधित कुल 5 मामले पंजीकृत हैं। सोलन पुलिस की यह कार्रवाई नशा तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ने की रणनीति का हिस्सा है। वर्ष 2026 में अब तक सोलन पुलिस ने कुल 03 मामलों में 17 आरोपियों व उनके सहयोगियों की 3.59 करोड़ से अधिक की अवैध संपत्ति को फ्रीज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशा तस्करी से संपत्ति अर्जित करने वालों के खिलाफ यह अभियान आगे भी इसी कड़ाई से जारी रहेगा।










