सुरभि न्यूज़
प्रताप अरनोट, जोगिंदर नगर (मंडी)
हिमाचल किसान सभा के राष्ट्रव्यापी आह्वान के तहत आज जोगिंदर नगर में विभिन्न जनसमस्याओं और किसान-मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ एक विशाल धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। प्रदर्शन के उपरांत किसान सभा ने उपमंडलाधिकारी (एसडीएम) के माध्यम से भारत की महामहिम राष्ट्रपति को एक ज्ञापन भी सौंपा।
ज्ञापन में मुख्य रूप से भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते को रद्द करने, कृषि उत्पादों के आयात पर रोक लगाने, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार सभी फसलों के लिए C2 + 50% की दर से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी देने और सुनिश्चित सरकारी खरीद का कानून बनाने की मांग की गई। इसके अलावा, ग्रामीण ऋणग्रस्तता को समाप्त करने, किसानों व दिहाड़ी मजदूरों की आत्महत्या रोकने हेतु व्यापक कर्ज माफी लागू करने, विद्युत निजीकरण विधेयक 2025, बीज विधेयक 2025 तथा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में प्रस्तावित संशोधनों को वापस लेने की मांग उठाई गई। सभा ने मनरेगा के तहत 200 दिन का काम व 700 रुपये प्रतिदिन दिहाड़ी देने तथा चार नए लेबर कोड को रद्द करने का भी पुरजोर समर्थन किया।
धरने को संबोधित करते हुए किसान सभा के मंडी जिला अध्यक्ष कुशाल भारद्वाज ने जोगिंदर नगर क्षेत्र की स्थानीय समस्याओं पर प्रदेश सरकार और प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि सिविल अस्पताल जोगिंदर नगर में पिछले 19 वर्षों से अल्ट्रासाउंड मशीन सोनोग्राफर के अभाव में धूल फांक रही है। उन्होंने अस्पताल व सीएचसी में डॉक्टरों के रिक्त पड़े पदों को शीघ्र भरने की मांग की।
कुशाल भारद्वाज ने हर्बल गार्डन जोगिंदर नगर के ‘क्षेत्रीय सह सुविधा केंद्र’ को वानिकी विश्वविद्यालय सोलन स्थानांतरित करने के निर्णय का कड़ा विरोध करते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की। उन्होंने खस्ताहाल सड़कों की दशा सुधारने, आवारा पशुओं व जंगली जानवरों से किसानों की फसलों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने, पिछले मानसून की आपदा में प्रभावित हुए लोगों को मकान निर्माण की बकाया (दूसरी व तीसरी) किश्तें तुरंत जारी करने तथा बिजली के स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर पूर्ण रोक लगाने का आग्रह किया।
इस प्रदर्शन के दौरान किसान सभा ब्लॉक कमेटी के अध्यक्ष रविंदर कुमार, सुदर्शन वालिया, शोभा राम, कृष्ण चंद, बालक राम, सुभाष चंद, पवन कुमार, प्रेम नाथ, राकेश कुमार, रमेश चंद और कश्मीर सिंह सहित कई अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता मुख्य रूप से मौजूद रहे।














