एनएचपीसी की 50वीं वार्षिक आम बैठक आयोजित, 2047 तक 50 हजार मेगावाट क्षमता का लक्ष्य

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सुरभि न्यूज़

प्रताल अरनोट, फरीदाबाद

एनएचपीसी ने 28 अगस्त 2026 को अपने पंजीकृत कार्यालय फरीदाबाद से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 50वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) का आयोजन किया। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ₹0.21 प्रति इक्विटी शेयर के अंतिम लाभांश के प्रस्ताव पर विचार किया गया। इससे पहले फरवरी 2026 में कंपनी ने ₹1.40 प्रति इक्विटी शेयर का अंतरिम लाभांश दिया था।

एजीएम को संबोधित करते हुए एनएचपीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भूपेंद्र गुप्ता ने कंपनी की उपलब्धियों, भविष्य की योजनाओं और भारत के स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण में जलविद्युत की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सौर एवं पवन ऊर्जा के तेजी से विस्तार के बीच ग्रिड संतुलन, पीक डिमांड के दौरान बिजली की उपलब्धता और ऊर्जा भंडारण के लिए जलविद्युत का महत्व लगातार बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि पंप्ड स्टोरेज परियोजनाओं पर बढ़ते फोकस और अनुकूल नीतिगत उपायों से जलविद्युत क्षेत्र में नए अवसर पैदा हुए हैं। एनएचपीसी अपने मजबूत जलविद्युत पोर्टफोलियो के साथ-साथ सौर, पवन और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में बढ़ती मौजूदगी के चलते इन अवसरों का लाभ उठाने के लिए तैयार है। कंपनी ने 2047 तक 50,000 मेगावाट की स्थापित क्षमता हासिल करने का दीर्घकालिक लक्ष्य रखा है।
एक साल में 1,850 मेगावाट क्षमता जोड़ी

वित्त वर्ष 2025-26 में एनएचपीसी ने एक ही वित्तीय वर्ष में अपनी अब तक की सबसे अधिक 1,850 मेगावाट क्षमता हासिल की। इस दौरान सुबनसिरी लोअर (750 मेगावाट), पार्बती-II (800 मेगावाट) और करणीसर सौर (300 मेगावाट) परियोजनाओं को चालू किया गया।

सहायक कंपनियों और संयुक्त उपक्रमों सहित एनएचपीसी की समेकित स्थापित क्षमता 9,333 मेगावाट से अधिक हो गई है, जबकि कुल 9,204 मेगावाट क्षमता की 17 परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं।

एकल आधार पर एनएचपीसी के 25 पावर स्टेशनों की कुल 7,401 मेगावाट स्थापित क्षमता से वित्त वर्ष 2025-26 में 23,307 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ। कंपनी के अनुसार, नदियों के जल प्रवाह में उतार-चढ़ाव के बावजूद संयंत्रों की उपलब्धता, प्रभावी जलाशय प्रबंधन और निवारक रखरखाव के कारण उत्पादन में निरंतरता बनी रही।

₹4,220 करोड़ से अधिक का समेकित शुद्ध लाभ
कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में ₹4,220.46 करोड़ का समेकित शुद्ध लाभ और ₹3,617.80 करोड़ का एकल शुद्ध लाभ अर्जित किया। प्रबंधन ने बड़ी परियोजनाओं में निवेश बढ़ाने के साथ विवेकपूर्ण वित्तीय प्रबंधन पर भी जोर दिया।
नई परियोजनाओं और नवीकरणीय ऊर्जा पर जोर

एनएचपीसी ने परियोजना विकास और स्वच्छ ऊर्जा पहलों में भी महत्वपूर्ण प्रगति की है। इनमें 1,720 मेगावाट कमला जलविद्युत परियोजना के लिए सीसीईए की मंजूरी, 2,880 मेगावाट दिबांग बहुउद्देशीय परियोजना में प्रगति तथा 3,097 मेगावाट एटालिन जलविद्युत परियोजना के लिए अरुणाचल प्रदेश सरकार के साथ समझौता ज्ञापन शामिल हैं।

कंपनी ने पंप्ड स्टोरेज और नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टफोलियो को भी आगे बढ़ाया है। इनमें केरल के वेस्ट कल्लाडा में 50 मेगावाट की फ्लोटिंग सौर परियोजना तथा सिक्किम के 510 मेगावाट तीस्ता पावर स्टेशन को पुनः प्रचालित करना शामिल है।
स्वर्ण जयंती वर्ष में अहम पड़ाव

नवंबर 2025 में स्थापना के 50 वर्ष पूरे करने और स्वर्ण जयंती मनाने के बाद आयोजित 50वीं वार्षिक आम बैठक एनएचपीसी की पांच दशक लंबी विकास यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव रही।
अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भूपेंद्र गुप्ता ने एनएचपीसी के विकास में भारत सरकार, केंद्र एवं राज्य सरकारों, नियामकों, शेयरधारकों, हितधारकों और कर्मचारियों के निरंतर सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एनएचपीसी अपने पांच दशकों के अनुभव और विशेषज्ञता के आधार पर देश के सुरक्षित, टिकाऊ और हरित ऊर्जा भविष्य के निर्माण में योगदान देती रहेगी।

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