जनजातीय क्षेत्र लाहौल में मयाड़ घाटी के करपट गांव में किसानों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।
गांव को जोड़ने वाला पुल पानी में डूबा हुआ है और ऐसे में तैयार फूलगोभी की फसल को मंडी तक पहुंचाने के लिए किसान जान जोखिम में डालकर झूले का सहारा लेने को मजबूर हैं।
जनजातीय जिला लाहौल की मयाड़ घाटी के करपट गांव में किसानों की मेहनत खेतों में तैयार खड़ी है, लेकिन सड़क संपर्क बाधित होने के कारण यही फसल अब उनके लिए चिंता का कारण बन गई है।
करपट गांव में इस समय फूलगोभी की फसल तैयार है और गोभी ओवरसाइज होने लगी है।
किसानों को डर है कि अगर समय रहते फसल मंडी तक नहीं पहुंची तो उनकी महीनों की मेहनत बर्बाद हो सकती है।
किसान खेतों से फूलगोभी की पेटियां उठाकर करीब दो किलोमीटर पैदल चलने के बाद सड़क तक पहुंच रहे हैं।
सबसे बड़ी परेशानी यह है कि एक पेटी गोभी को सड़क तक पहुंचाने के लिए किसानों को नेपाली मजदूरों को करीब 80 से 100 रुपये तक देने पड़ रहे हैं।
यानी जिस फसल से किसान अच्छी कमाई की उम्मीद लगाए बैठे थे, उसी फसल को सड़क तक पहुंचाने में अतिरिक्त खर्च उनकी कमर तोड़ रहा है।
वहीं, व्यापारियों की ओर से किसानों को फूलगोभी की कीमत करीब 18 रुपये प्रति किलो दी जा रही है।
ऐसे में खेत से सड़क तक पहुंचाने का अतिरिक्त खर्च निकालने के बाद किसानों के हाथ में बेहद कम रकम बच रही है।
सिर्फ किसान ही नहीं, बल्कि करपट गांव की महिलाएं भी रोजमर्रा की जरूरतों और अपनी फसल को लेकर जान जोखिम में डालकर झूला पार करने को मजबूर हैं।
पुल के पानी में डूबे होने के कारण ग्रामीणों के लिए यह झूला फिलहाल गांव से बाहर निकलने का एकमात्र सहारा बना हुआ है।
किसानों ने बताया कि उन्होंने फूलगोभी की फसल से अच्छी आमदनी की उम्मीद लगाई थी।
इसी कमाई से बच्चों की पढ़ाई, परिवार की जरूरतें और उनके बेहतर भविष्य के सपने जुड़े हुए थे।
लेकिन प्राकृतिक आपदा और सड़क संपर्क बाधित होने से अब किसानों की महीनों की मेहनत पर संकट खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों के अनुसार लोक निर्माण विभाग की ओर से झूला लगाने का काम शुरू किया गया है।
लेकिन किसानों का कहना है कि जब तक पुल पर आवाजाही बहाल नहीं होती, उनकी परेशानी खत्म नहीं होगी।
अब किसानों की नजर प्रशासन और लोक निर्माण विभाग पर टिकी है।
किसानों की मांग है कि पुल पर जल्द आवाजाही बहाल की जाए, ताकि खेतों में तैयार उनकी फूलगोभी समय पर मंडी पहुंच सके और उनकी मेहनत बर्बाद होने से बच सके।
कैमरामैन के साथ रंजीत लाहौली, केलांग, लाहौल।
सुरभि न्यूज़










