सुरभि न्यूज़
प्रताप अरनोट, नग्गर-कुल्लू
राष्ट्रीय हिंदी दिवस के अवसर पर महिला साहित्यकार संस्था हिमाचल प्रदेश की कुल्लू इकाई द्वारा नग्गर पाठशाला में साहित्यिक आयोजन किया गया। कार्यक्रम में काव्य गोष्ठी के माध्यम से विद्यार्थियों और साहित्य प्रेमियों ने हिंदी भाषा एवं साहित्य के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।
यह आयोजन महिला साहित्यकार संस्था की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रीता सिंह के नेतृत्व एवं दिशा-निर्देश में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में संस्था की जिला अध्यक्ष सोमलता ठाकुर तथा कोषाध्यक्ष सुषमा शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
संस्था की प्रचार सचिव शारदा देवी अरनोट ने बताया कि गणेश चतुर्थी एवं राष्ट्रीय हिंदी दिवस के पावन अवसर पर नग्गर स्कूल में यह साहित्यिक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रार्थना सभा से हुआ, जिसकी अध्यक्षता महिला साहित्यकार संस्था की जिला अध्यक्ष सोमलता ठाकुर ने की, जबकि सचिव सुषमा शर्मा विशेष रूप से मौजूद रहीं।
इस अवसर पर पाठशाला के प्रधानाचार्य जय सिंह ने हिंदी दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रत्येक वर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। इसी दिन वर्ष 1949 में संविधान सभा ने देवनागरी लिपि में लिखी हिंदी को भारत की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था।
उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा को बढ़ावा देने और इसके महत्व को जन-जन तक पहुंचाने के लिए हिंदी दिवस का आयोजन महत्वपूर्ण है। अध्यापिका सविता कुमारी ने भी हिंदी भाषा एवं साहित्य के महत्व पर अपने विचार रखे।
काव्य गोष्ठी में तमन्ना ठाकुर, गायत्री, रिहान, महक, जिया, रागिनी, सक्षम, मोहित, सुजल, आलीशा, ओम लता, दिव्यंशी और वंशिका ने अपनी कविताओं का पाठ कर कार्यक्रम को साहित्यिक रंग प्रदान किया। अध्यापिका मोनिका ने मंच संचालन करते हुए कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया।

कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में हिंदी भाषा, कविता और साहित्य के प्रति रुचि बढ़ाने तथा अपनी रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करने का संदेश दिया गया।











