सुरभि न्यूज़
कुल्लू, 7 अक्तूबर
कुल्लू शहर को स्वच्छ एवं प्लास्टिक मुक्त बनाने के उद्देश्य से प्रशासन ने स्वच्छता अभियान तेज कर दिया है। नगर परिषद कुल्लू के 11 वार्डों में सार्वजनिक स्थलों, बाजारों, सड़कों और व्यावसायिक क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा खुले में कचरा फेंकने पर रोक लगाने के लिए व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है।
अभियान के तहत कुल्लू शहर के 11 वार्डों को चार प्रमुख समूहों में विभाजित किया गया है। उपमंडल अधिकारी (नागरिक) कुल्लू की अध्यक्षता में गठित विशेष वार्ड-वार समितियों में पुलिस, आबकारी एवं कराधान, एचआरटीसी, परिवहन, उद्योग, स्वास्थ्य, वन, पर्यटन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा नगर परिषद के अधिकारियों को सदस्य एवं सदस्य सचिव के रूप में शामिल किया गया है।
गठित समितियां अपने-अपने क्षेत्रों में बाजारों, सड़कों और संवेदनशील स्थानों का नियमित एवं आकस्मिक निरीक्षण कर रही हैं। इसी कड़ी में 6 अक्तूबर को वार्ड नंबर 1, 2 तथा वार्ड नंबर 3 के आंशिक क्षेत्र में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया।
निरीक्षण के दौरान टीम ने कुल 75 व्यावसायिक एवं अन्य प्रतिष्ठानों की जांच की। इनमें से 6 मामलों में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर मौके पर ही 6 चालान किए गए और कुल 8,000 रुपये जुर्माना वसूला गया। टीम ने कार्रवाई के दौरान प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक चम्मच, पॉलीथिन कैरी बैग सहित अन्य प्रतिबंधित सामग्री भी जब्त की।
प्रशासन के अनुसार हिमाचल प्रदेश गैर-बायोडिग्रेडेबल कचरा (नियंत्रण) अधिनियम के तहत प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक की मात्रा के आधार पर 500 रुपये से 25,000 रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। इसके अलावा संस्थानों एवं दुकानों द्वारा प्लास्टिक कचरा फैलाने पर 5,000 रुपये तथा व्यक्तिगत स्तर पर कचरा फेंकने पर 1,000 रुपये जुर्माना निर्धारित है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने कुल्लू शहर के नागरिकों, दुकानदारों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और पर्यटकों से स्वच्छता अभियान में सहयोग देने की अपील की है। लोगों से सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फेंकने, कचरे का उचित निस्तारण करने तथा प्रतिबंधित प्लास्टिक सामग्री का इस्तेमाल नहीं करने का आग्रह किया गया है।
प्रशासन का कहना है कि कुल्लू की स्वच्छता केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक और आगंतुक की सामूहिक जिम्मेदारी है। जनसहयोग से ही कुल्लू शहर को स्वच्छ, सुंदर और प्लास्टिक मुक्त बनाया जा सकता है।











