सुरभि न्यूज़
प्रताप अरनोट, भिवानी (हरियाणा)
साहित्यकार एवं लेखक डॉ. सत्यवान सौरभ की बाल साहित्य कृति ‘प्रज्ञान’ को हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के वर्ष 2023 के श्रेष्ठ कृति पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। अकादमी की ओर से घोषित परिणामों में ‘प्रज्ञान’ का चयन बाल साहित्य वर्ग में किया गया है। पुरस्कार के तहत डॉ. सत्यवान सौरभ को 31 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी।
हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी की श्रेष्ठ कृति पुरस्कार योजना के तहत हिंदी, हरियाणवी, संस्कृत और पंजाबी सहित विभिन्न भाषाओं एवं साहित्यिक विधाओं में प्राप्त कृतियों का चयन किया गया। इसी क्रम में भिवानी जिले के बड़वा निवासी डॉ. सत्यवान सौरभ की कृति ‘प्रज्ञान’ को बाल साहित्य वर्ग में सम्मान के लिए चुना गया है।
बच्चों की कल्पनाशक्ति और संस्कारों को साहित्य से जोड़ती है ‘प्रज्ञान’
‘प्रज्ञान’ बाल साहित्य पर केंद्रित कृति है, जिसमें बच्चों के लिए साहित्यिक, संस्कारपरक और विचारपरक सामग्री प्रस्तुत की गई है। पुस्तक की खास बात यह है कि लेखक ने इसे अपने बेटे प्रज्ञान के जन्म के अवसर पर दुनिया के सभी बच्चों को समर्पित किया है।
कृति के माध्यम से बच्चों की कल्पनाशक्ति, संवेदनशीलता, संस्कार और रचनात्मक सोच को साहित्य से जोड़ने का प्रयास किया गया है। डॉ. सौरभ के अनुसार बाल साहित्य बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और उन्हें जीवन मूल्यों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम है।
साहित्य और पत्रकारिता में सक्रिय हैं डॉ. सौरभ
डॉ. सत्यवान सौरभ लंबे समय से लेखन, पत्रकारिता और साहित्यिक गतिविधियों से जुड़े हुए हैं। उनकी रचनाओं में सामाजिक सरोकार, समकालीन विषयों और बाल साहित्य के प्रति विशेष रुचि दिखाई देती है। विभिन्न साहित्यिक विधाओं में सक्रिय उनकी यात्रा में ‘प्रज्ञान’ बाल साहित्य के क्षेत्र में उनके रचनात्मक सरोकारों को सामने लाती है।
हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के कार्यकारी उपाध्यक्ष डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री के अनुसार वर्ष 2023 की श्रेष्ठ कृति पुरस्कार योजना के परिणामों को अकादमी अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री द्वारा अनुमोदित किया गया है। इसी प्रक्रिया के तहत बाल साहित्य वर्ग में डॉ. सत्यवान सौरभ की ‘प्रज्ञान’ का चयन किया गया है।
27 पुस्तकों के साहित्यिक सफर में जुड़ी नई उपलब्धि
डॉ. सत्यवान सौरभ की पत्नी डॉ. प्रियंका सौरभ भी चर्चित लेखिका एवं साहित्यकार हैं। दोनों ने राजनीतिक विज्ञान में पीएच.डी. की है और साहित्य लेखन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। दोनों साहित्यकारों की अब तक 27 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।
उनके लेखन में सामाजिक सरोकार, समकालीन विमर्श, महिला सशक्तीकरण, बाल साहित्य और सामाजिक चेतना जैसे विषय प्रमुखता से उभरते हैं। ‘प्रज्ञान’ को राज्य की साहित्यिक संस्था द्वारा श्रेष्ठ कृतियों में शामिल किया जाना उनके साहित्यिक सफर में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
डॉ. सत्यवान सौरभ ने सम्मान के लिए चयन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बाल साहित्य केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि बच्चों के संस्कार, कल्पनाशक्ति, संवेदनशीलता और विचार-निर्माण का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए सार्थक, रचनात्मक और मूल्यपरक साहित्य का सृजन उनकी साहित्यिक प्राथमिकताओं में शामिल रहा है।
‘प्रज्ञान’ को 31 हजार रुपये के श्रेष्ठ कृति पुरस्कार के लिए चयनित किए जाने से भिवानी के साहित्यिक क्षेत्र में भी खुशी का माहौल है। साहित्य जगत से जुड़े लोगों ने डॉ. सत्यवान सौरभ को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए इसे जिले के साहित्यिक परिदृश्य के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।











