सुरभि न्यूज़
शिमला, 17 जून
साहित्य सृजन कुटुम्ब दिल्ली द्वारा आयोजित सम्मान समारोह व कवि सम्मेलन का आयोजन शिमला के रोटरी क्लब सभागार में किया गया। शिमला के वरिष्ठ साहित्यकार एस.आर. हरनोट व डॉ. सत्यनारायण स्नेही ने मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. संतोष संप्रीती ने की इस कार्यक्रम में दो सत्र रहे। प्रथम सत्र में सम्मान समारोह व द्वितीय सत्र में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत मां शारदा को दीप प्रज्ज्वलित व माल्यार्पण से की गई।
बिलासपुर के साहित्यकार डॉ.जय अनजान व रविंद्र चंदेल कमल को साहित्य सृजन के लिए संस्था की अध्यक्षा द्वारा साहित्य सृजन सारथी प्रशस्ति पत्र व माला देकर सम्मानित किया गया। ज़िला बिलासपुर से सम्बन्ध रखने वाले साहित्यकार, लेखक, कवि और समीक्षक कैप्टन डॉ.जय महलवाल अनजान राज्य एवम् राष्ट्र स्तर पर बहुत जल्दी अपनी पहचान बनाने में सफल रहे हैं। राष्ट् स्तर के ऑनलाइन कवि सम्मेलनों में निरंतर रूप से हिस्सा लेते रहते हैं। साथ ही विभिन्न संस्थाओं द्वारा सम्मानित किए जा चुके हैं। गणित विषय के सहायक आचार्य होने के साथ हिंदी भाषा के प्रति इनकी लग्न का अंदाजा इनकी देश में प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित लेखों, लघु कथाओं, कविताओं और समीक्षाओं से लगाया जा सकता है। राज्य में भी नियमित रूप से पत्र पत्रिकाओं में इनके लेख छपते रहते हैं। इसके इलावा अपनी कहलूरी बोली को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए प्रयासरत है और अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में एक गूढ़ संदेश देने में सफल रहे हैं। कार्यक्रम में इनकी कविता मेरा गांव अब शहर हो गया है ने खूब तालियां बटोरी और सराही गई।
वहीं बिलासपुर ज़िला के साहित्यकार, पत्रकार रविंद्र चंदेल कमल भी साहित्य,कला और संस्कृति को निरंतर संरक्षण दे रहे हैं इन्होंने कई अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर अपनी कला का प्रदर्शन किया है। लगभग 25 वर्षों से भी अधिक समय से प्रदेश व देश के प्रतिष्ठित कई मंचों पर अपनी कला का प्रदर्शन करते आ रहे हैं। साहित्य के क्षेत्र में भी इन्होंने पहाड़ी व हिंदी में कई रचनाएं लिखी है। इनके द्वारा पंजीकृत संस्था सदाबहार युवक मंडल एवं कला संगम तरेड़ के बैनर तले कई साहित्यिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं। विद्यार्थी जीवन से ही रविंद्र चंदेल कमल समाज सेवी व ज़िला के सर्वश्रेष्ठ युवा पुरस्कार से सम्मानित हो चुके हैं। इनकी अपनी संस्था हो या ज़िला की अन्य संस्थाएं जैसे बिलासपुर लेखक संघ, हिम कला संगम, कल्याण कला मंच, ज्ञान विज्ञान समिति व अन्य संस्थाओं से भी रविंद्र चंदेल कमल जुड़े हैं। इनकी स्वरचित रचना वीरों की इस पावन धरा पर हर पग आगे बढ़ता हूं ने शिमला के रोटरी क्लब के सभागार में खूब प्रशंसा व तालियां बटोरी। इस कार्यक्रम में प्रदेश व देश के प्रतिष्ठित साहित्यकार उपस्थित रहे।











