सुरभि न्यूज़
प्रताप अरनोट, केलांग (हिमाचल प्रदेश)
जनजातीय मेले के उपलक्ष्य पर आज केलांग में एक भव्य पारंपरिक बुनाई प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में स्थानीय स्वयं सहायता समूहों और महिला मंडलों की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर व पारंपरिक बुनाई कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की महिलाओं के पारंपरिक कौशल को निखारना, उनकी प्रतिभा को एक सशक्त मंच प्रदान करना तथा स्थानीय हस्तशिल्प को बढ़ावा देना था। आयोजन के दौरान कुल 7 स्वयं सहायता समूहों और 1 महिला मंडल की 16 प्रतिभागी महिलाओं ने अपनी दक्षता, रचनात्मकता और बुनाई की सूक्ष्म बारीकियों से सभी का मन मोह लिया।
खामटूल समूह रहा प्रथम कड़े मुकाबले और उत्कृष्ट कला प्रदर्शन के आधार पर खामटूल स्वयं सहायता समूह ने प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया। वहीं महिला स्वयं सहायता समूह ने दूसरा तथा संगम स्वयं सहायता समूह ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दी गई और सभी भाग लेने वाली महिलाओं की लगन की सराहना की गई।
आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं न केवल महिलाओं के हुनर को पहचान दिलाती हैं, बल्कि लुप्त होती पारंपरिक कलाओं को सहेजने और स्थानीय हस्तशिल्प को नई पहचान देने में भी अहम भूमिका निभाती हैं।
इस अवसर पर खंड विकास अधिकारी मुनीष राय, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक सहित कई अन्य प्रशासनिक अधिकारी व कर्मचारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।











