सुरभि न्यूज़
बंजार/ कुल्लू, 25 जून
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) ने जुलाई 2026 शैक्षणिक सत्र से जलवायु परिवर्तन (Climate Change) विषय में नया मास्टर ऑफ साइंस (एमएससी) डिग्री कार्यक्रम शुरू किया है। इस पहल के साथ इग्नू देश का पहला मुक्त विश्वविद्यालय बन गया है, जो इस महत्वपूर्ण विषय में समर्पित स्नातकोत्तर (पीजी) डिग्री प्रदान करेगा।
इग्नू क्षेत्रीय केंद्र शिमला द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह दो वर्षीय पाठ्यक्रम कुल 80 क्रेडिट पर आधारित है। कार्यक्रम में जल संसाधन प्रबंधन, ऊर्जा प्रणालियां, कृषि, आपदा जोखिम न्यूनीकरण, जैव विविधता संरक्षण, कचरा प्रबंधन, सर्कुलर इकोनॉमी, पर्यावरण कानून तथा क्लाइमेट असेसमेंट टूल्स जैसे समकालीन और वैश्विक महत्व के विषय शामिल किए गए हैं।
विश्वविद्यालय के अनुसार, इस कार्यक्रम में प्रवेश के लिए किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में स्नातक (बैचलर) डिग्री होना अनिवार्य है। पाठ्यक्रम की न्यूनतम अवधि दो वर्ष निर्धारित की गई है, जबकि विद्यार्थी इसे बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के अधिकतम चार वर्ष के भीतर पूरा कर सकते हैं। विशेष बात यह है कि प्रथम वर्ष सफलतापूर्वक पूरा करने वाले विद्यार्थियों को पीजी डिप्लोमा इन क्लाइमेट चेंज प्राप्त करने का विकल्प भी उपलब्ध होगा।
इग्नू के वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक डॉ. जोगिंदर कुमार यादव ने बताया कि जुलाई 2026 सत्र के लिए विश्वविद्यालय के 300 से अधिक मास्टर, बैचलर, डिप्लोमा एवं सर्टिफिकेट कार्यक्रमों में नए प्रवेश और पुनः पंजीकरण की प्रक्रिया भी जारी है। इन सभी कार्यक्रमों के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है।
उन्होंने इच्छुक विद्यार्थियों से समय रहते ऑनलाइन आवेदन करने का आग्रह किया। अधिक जानकारी के लिए छात्र इग्नू की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं अथवा क्षेत्रीय केंद्र शिमला के दूरभाष नंबर 0177-2624612 पर संपर्क कर सकते हैं।
जलवायु परिवर्तन आज विश्व के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। ऐसे समय में इग्नू द्वारा शुरू किया गया यह नया पाठ्यक्रम युवाओं को पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और जलवायु नीति के क्षेत्र में विशेषज्ञता प्राप्त करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगा।










