बच्चों को शिक्षा के साथ कौशल, व्यक्तित्व विकास और व्यावहारिक ज्ञान पर भी दें समान महत्व – किरण भड़ाना

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सुरभि न्यूज़
प्रताप अरनोट, केलांग
लाहौल-स्पीति के मुख्यालय केलांग में एक अग्रणी दैनिक समाचार पत्र द्वारा जिले के मेधावी एवं होनहार विद्यार्थियों को उनकी गत वर्ष की उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित करने हेतु एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त लाहौल-स्पीति किरण भड़ाना ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया।
अपने संबोधन में उपायुक्त किरण भड़ाना ने विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, मानसिक विकास और बेहतर समाज के निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि जिला का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, यह सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे पढ़ाई के साथ-साथ खेल, सांस्कृतिक एवं अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर भाग लें। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में पर्सनैलिटी डेवलपमेंट, स्किल एनहैंसमेंट और प्रैक्टिकल नॉलेज सफलता की महत्वपूर्ण कुंजी हैं तथा इन क्षेत्रों में अभी और अधिक कार्य किए जाने की आवश्यकता है।
उपायुक्त ने बताया कि बच्चों की प्रतिभा को निखारने और उनकी रुचियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से हाल ही में जिला मुख्यालय में विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे में कोई न कोई विशेष प्रतिभा होती है, जिसे सही मार्गदर्शन और अवसर देकर विकसित किया जा सकता है।
उन्होंने अपने हालिया शकोली विद्यालय भ्रमण का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां का शैक्षणिक वातावरण, अनुशासन और विद्यार्थियों का उत्साह अत्यंत प्रेरणादायक था। उन्होंने आशा व्यक्त की कि जिले के अन्य विद्यालय भी इसी प्रकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सकारात्मक वातावरण प्रदान करने की दिशा में निरंतर कार्य करेंगे।
उपायुक्त ने अभिभावकों एवं शिक्षकों से आग्रह किया कि वे बच्चों की रुचि और क्षमता को समझते हुए उन्हें उसी क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। आने वाला समय कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का है, इसलिए विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल भी विकसित करने होंगे। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि अपने उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए उन्हें स्वयं मेहनत करनी होगी, क्योंकि सफलता का कोई विकल्प नहीं है। कार्यक्रम के अंत में उपायुक्त किरण भड़ाना ने जिले के मेधावी विद्यार्थियों को उनकी उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य शशि किरण, स्थानीय पंचायत प्रधान प्रेम सिंह थर्वस, उपनिदेशक शिक्षा (क्वालिटी कंट्रोल) प्रशांत शर्मा, विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य, अध्यापक, अभिभावक तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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