कुल्लू में हर्षोल्लास से मनाया गया जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह

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सुरभि न्यूज़
प्रताप अरनोट, कुल्लू : 15 अगस्त
कुल्लू में ऐतिहासिक ढालपुर मैदान में 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। जिला स्तरीय समारोह की अध्यक्षता उद्योग, संसदीय मामले, श्रम एवं रोजगार मंत्री, हर्षवर्धन चौहान ने की। उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज फहराया तथा भव्य परेड की सलामी ली। हिमाचल प्रदेश पुलिस, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, होमगार्ड, एनसीसी, एनएसएस, ज़िला रेड क्रॉस यूनिट, डीडीएमए तथा रोवर्स एंड रेंजर्स की टुकड़ियों ने शानदार मार्चपास्ट प्रस्तुत किया।
उद्योग मंत्री ने प्रदेशवासियों तथा जिला कुल्लू के लोगों को 80वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानियों तथा देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों के याद कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के वीर सपूतों ने देश की रक्षा, अखंडता और स्वतंत्रता आंदोलन में सदैव अग्रणी भूमिका निभाई है।
हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने अपने कार्यकाल में ‘व्यवस्था परिवर्तन’ की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। सरकार का प्रयास किसानों, बागवानों, पशुपालकों, युवाओं, अनाथ बच्चों, विधवा महिलाओं और एकल महिलाओं सहित समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण और सशक्तिकरण पर केंद्रित है।
उन्होंने कहा कि विरासत में मिले भारी-भरकम कर्ज की चुनौती के बावजूद प्रदेश सरकार हिमाचल को आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। सरकार ने पहले दिन से ही जनसेवा को अपना मूल मंत्र बनाया है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से दूध और कृषि उत्पादों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि की है। गाय के दूध का खरीद मूल्य 61 रुपये तथा भैंस के दूध का 71 रुपये प्रति लीटर किया गया है।
प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं का समर्थन मूल्य 80 रुपये, मक्की का 50 रुपये, कच्ची हल्दी का 150 रुपये, पांगी घाटी के जौ का 80 रुपये तथा पहली बार अदरक के लिए 30 रुपये प्रति किलोग्राम समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है।
उन्होंने बताया कि बागवानी क्षेत्र में क्रांति लाने के उद्देश्य से 3,000 करोड़ रुपये की एचपी-शिवा परियोजना के तहत सब-ट्रॉपिकल क्षेत्रों में 2,612 हेक्टेयर क्षेत्र विकसित किया जा चुका है, जिससे 10,646 किसान परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। सेब उत्पादकों के हितों की रक्षा के लिए यूनिवर्सल कार्टन अनिवार्य किया गया है तथा जल्द ही नई बागवानी नीति लागू की जाएगी, जिससे 82 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर मिलने की संभावना है।
उद्योग मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने शत-प्रतिशत साक्षरता दर हासिल की है और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के क्षेत्र में देश में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम शुरू किया गया है तथा 156 स्कूलों में सीबीएसई पैटर्न लागू किया गया है।
उन्होंने कहा कि डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना के तहत उच्च शिक्षा के लिए एक प्रतिशत ब्याज दर पर 20 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध करवाया जा रहा है। योजना के लिए पारिवारिक आय सीमा बढ़ाकर 12 लाख रुपये कर दी गई है।
इंदिरा गांधी सुख-शिक्षा योजना के तहत विधवा तथा दिव्यांग माता-पिता के बच्चों को 18 वर्ष की आयु तक एक हजार रुपये प्रतिमाह आर्थिक सहायता दी जा रही है। वहीं 18 से 27 वर्ष की आयु तक आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम और एम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ाई का पूरा खर्च सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आईजीएमसी शिमला, टांडा, नेरचौक और चमियाना अस्पतालों में रोबोटिक सर्जरी सहित आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। रोबोटिक सर्जरी की सुविधा 30 हजार से 50 हजार रुपये तक की लागत में उपलब्ध करवाई जा रही है। निर्धन परिवारों के लिए 10 लाख रुपये तक के स्वास्थ्य बीमा की नई नीति भी लाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत 27 वर्ष तक की आयु के 6,000 बेसहारा बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ के रूप में अपनाया गया है। इन बच्चों को अपना स्टार्टअप शुरू करने के लिए दो लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।
  हरित ऊर्जा राज्य के लक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश के वन क्षेत्र को वर्ष 2030 तक 32 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए ‘मिशन 32 प्रतिशत’ और ‘राजीव गांधी वन संवर्धन योजना’ शुरू की गई है। पंचायतों में 500 किलोवाट क्षमता की ग्राउंड माउंटेड सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जा रही हैं। इन परियोजनाओं से होने वाली आय का 25 प्रतिशत हिस्सा अनाथ बच्चों और विधवा महिलाओं के कल्याण पर खर्च किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पर्यटन और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कांगड़ा को प्रदेश की ‘पर्यटन राजधानी’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। कुल्लू जिला भी पर्यटन की दृष्टि से अपार संभावनाओं वाला क्षेत्र है और सरकार जिले में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उद्योग मंत्री ने कहा कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए सरकार द्वारा कठोर कदम उठाए जा रहे हैं। युवाओं को खेलों और स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ने के लिए जल्द ही ‘खेलों हिमाचल चिट्टा-मुक्त अभियान’ शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नशा तस्करों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई के लिए पीआईटी एनडीपीएस एक्ट लागू किया गया है। नशे से संबंधित सूचना देने वाले लोगों की पहचान गोपनीय रखते हुए उन्हें पुरस्कृत किया जा रहा है।
जिला कुल्लू में विकास कार्यों की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि जिले के छह प्रतिष्ठित विद्यालयों में सीबीएसई कक्षाएं शुरू की गई हैं। 38 विद्यालयों में इंटरनेट, कंप्यूटर और फर्नीचर से सुसज्जित डिजिटल पुस्तकालय स्थापित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि श्रीनिवास रामानुजन छात्र डिजिटल योजना के तहत 10वीं और 12वीं कक्षा के 350 मेधावी विद्यार्थियों को 16-16 हजार रुपये के रिडेम्पशन वाउचर प्रदान किए जा रहे हैं। आपदा से क्षतिग्रस्त स्कूल भवनों की मरम्मत के लिए 60.58 लाख रुपये जारी किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि वर्तमान वित्त वर्ष में जिले में अब तक 40 किलोमीटर मोटर योग्य सड़कों, 56 किलोमीटर क्रॉस ड्रेनेज तथा 92 किलोमीटर सड़कों की टारिंग का कार्य पूरा किया जा चुका है।
  पीएमजीएसवाई-4 के तहत जिले की 65 सड़कों के निर्माण के लिए 576 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्राप्त हुई है। ब्यास नदी पर पीरड़ी में 28.35 करोड़ रुपये की लागत से पुल निर्माण तथा मनाली के समीप रांगड़ी पुल के लिए 15 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 में पेयजल योजनाओं पर 8.40 करोड़ रुपये, सिंचाई पर 73 लाख रुपये तथा बाढ़ नियंत्रण कार्यों पर 25.78 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। अमरुत-2.0 के तहत भुंतर की 22 करोड़ रुपये की शहरी पेयजल योजना पर कार्य जारी है। जिले में 1,250 नए किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ा गया है।
उन्होंने कहा कि मानसून 2025 के दौरान हुए नुकसान से प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करने के लिए सरकार द्वारा विशेष राहत पैकेज जारी किया गया। इसके तहत पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त 544 मकानों के प्रभावित परिवारों को 14.69 करोड़ रुपये तथा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त 1,333 मकानों के परिवारों को 12.04 करोड़ रुपये की राहत राशि प्रदान की गई है।
समारोह के दौरान विभिन्न विद्यालयों, संस्थाओं और सांस्कृतिक दलों ने देशभक्ति से ओत-प्रोत गीत, नृत्य, सहित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। प्रस्तुतियों ने समारोह में देशभक्ति और उत्साह का माहौल बना दिया। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 27 व्यक्तियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
समारोह में मनाली विधायक भुवनेश्वर गौड़,बंजार के विधायक सुरेंद्र शौरी, एपीएमसी अध्यक्ष राम सिंह मियां, पूर्व मंत्री खिमी राम शर्मा, पूर्व सांसद महेश्वर सिंह, जिला परिषद अध्यक्ष ठाकुर दास, जिला कांग्रेस अध्यक्ष सेस राम आजाद, नगर परिषद अध्यक्ष आशा ठाकुर, उपाध्यक्ष शालिनी रॉय, एडीएम कुल्लू सुरजीत कुमार राठौर, पुलिस अधीक्षक अभिषेक सेकर, जिला रेड क्रॉस सोसाइटी सचिव चंद्रकेश शर्मा, ग्रामीण विकास बैंक निदेशक किशन ठाकुर, कांग्रेस उपाध्यक्ष संजीव धर, इंटक के खिमी राम, बीडीसी अध्यक्ष भून्तर राम प्रसाद, ब्लॉक अध्यक्ष कुल्लू गोपाल ठाकुर, ब्लॉक अध्यक्ष बंजार मोहर सिंह सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, कर्मचारी और गणमान्य व्यक्ति उप

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