सुरभि न्यूज़
प्रताप अरनोट, घुमारवीं (बिलासपुर) : 15 अगस्त
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने बिलासपुर जिले के घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के निहारी में राज्य स्तरीय वन महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर सहजन का पौधा रोपते हुए मुख्यमंत्री ने वन मित्रों का मासिक मानदेय 10,000 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये करने की महत्वपूर्ण घोषणा की। प्रदेश भर में आयोजित हो रहे इस वन महोत्सव के तहत 7,000 हेक्टेयर भूमि पर 50 लाख से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
दधोल में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए कई घोषणाएं करते हुए भराड़ी उप-तहसील को पूर्ण तहसील का दर्जा दिया गया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हटवाड़ में डॉक्टरों के 2 अतिरिक्त पद सृजित करने और तड़ौन ग्राम पंचायत में नया पशु औषधालय खोलने की घोषणा। राजकीय महाविद्यालय घुमारवीं में MBA, MCA और MTA की कक्षाएं तथा राजकीय महाविद्यालय घंडावली में BBA और BCA की कक्षाएं शुरू की जाएंगी। स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) पर विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों के उपलक्ष्य में प्रदेश के सभी स्कूलों में 17 अगस्त, 2026 को अवकाश घोषित किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार भ्रष्टाचार मुक्त ‘सिंगल इंजन’ मॉडल पर काम कर रही है। भ्रष्टाचार से अर्जित संपत्तियों को जब्त कर गरीबों के कल्याण में लगाया जाएगा। शिक्षकों के 6,000 से अधिक पदों पर भर्तियां की जा चुकी हैं और जल्द ही 4,000 और पद भरे जाएंगे। राज्य में 156 से अधिक सीबीएसई स्कूल और राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल बनाए जा रहे हैं। किसानों की आय बढ़ाने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्राकृतिक विधि से हल्दी की खेती कर किसान प्रति बीघा एक लाख रुपये तक सालाना कमा सकते हैं।
आपदा प्रभावितों के लिए पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों का मुआवजा राशि वर्ष 2023 के 7 लाख रुपये से बढ़ाकर 8.50 लाख रुपये कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वाइल्डफ्लावर हॉल मामले में जीत के बाद राज्य को 450 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं और सालाना 20 करोड़ रुपये की आय सुनिश्चित हुई है। इसके साथ ही, भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) से 7,200 करोड़ रुपये के बकाया दावे और किशाऊ बिजली परियोजना में प्रदेश के हितों की रक्षा मजबूती से की जा रही है। पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाली के बाद केंद्र द्वारा रोकी गई 1,600 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता का जिक्र करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार कर्मचारियों के हित में प्रतिबद्ध है। शिमला (IGMC व एआईएमएसएस चमियाना), टांडा और नेरचौक मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक तकनीक, रोबोटिक सर्जरी और एम्स दिल्ली की तर्ज पर उपकरण स्थापित किए गए हैं।
कार्यक्रम के दौरान तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने मुख्यमंत्री द्वारा अनाथ बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ का दर्जा देने, मेधावी छात्रों को 1% ब्याज दर पर 20 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण देने और युवाओं के लिए ई-टैक्सी/बस सब्सिडी जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए सरकार के प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी, पूर्व विधायक बंबर ठाकुर, पूर्व विधायक तिलक राज शर्मा, कांग्रेस नेता विवेक कुमार, वन विकास निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
















