बरोट स्कूल की शिक्षिका निशा ठाकुर 13 वर्ष रीता देवी की बनी सहारा

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सुरभि न्यूज़

खुशी राम ठाकुर, बरोट  

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बरोट की हिंदी प्रवक्ता निशा ठाकुर एक होनहार अध्यापिका के साथ – साथ एक अच्छी समाज सेविका भी है। निशा ठाकुर समय – समय पर नशे के प्रति लोगों को जागरूक करती आ रही है तथा ऑनलाइन पढ़ाई के माध्यम से भी बच्चों को शिक्षित करने में भी अपना विशेष योगदान दे रही है।निशा ठाकुर को शिक्षा व समाज सेवा में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।

 

निशा का कहना है कि उनका चौहार घाटी के सबसे ऊंचे रूलिंग गांव जाना हुआ तो रास्ते में उन्हें गलू गाँव की 13 वर्षीय लड़की रीता देवी मिली। लड़की से पूछताछ करने से मालूम हुआ कि ग़रीबी के चलते उसने स्कूल छोड़ दिया है। लड़की ने बताया कि एक दिन जब वह लकड़ी लाने जंगल में गई हुई थी तो अचानक गिर जाने के कारण उसके मुंह के आगे के सारे दाँत टूट गए। बिन माँ की बच्ची अपने बूढ़े दादा- दादी के साथ रहती है।

निशा ठाकुर का ग़रीब बेटी की हालत देख दिल पसीज गया और उन्होंने इस बच्ची की मदद करने का ज़िम्मा उठाया। लड़की को स्कूल बुलाया और प्रधानाचार्य थमन सिंह तथा विद्यालय के पूरा स्टाफ आगे आया और इस बच्ची का सहारा बने। सोशल मीडिया पर हज़ारों लोगों ने इस बच्ची की मदद करने के लिए आगे आए है। वही प्रसिद्ध डॉक्टर बाबू राम ने इस बेटी के दातों का इलाज करने का वादा किया है।

निशा ठाकुर का कहना है कि साकारात्मक पहल बहुत से लोगों को जोड़ देती है जिस कारण समाज में कोई भी कार्य असंभव नहीं है। रीता देवी अब लगातार दो माह से स्कूल में शिक्षा ग्रहण करने के लिए आ रही है। निशा ठाकुर का कहना है कि सोशल मीडिया के माध्यम से हम अपनी बात को लाखों लोगों तक पहुंचा सकते हैं। उन्होंने समस्त लोगों से अपील की है कि समाज के सभी लोगों को एकजुट होकर कार्य करना चाहिए ताकि गरीब और असहाय लोगों की सहायता की जा सके तथा समाज में बदलाव लाया जा सके।                                               

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