सुरभि न्यूज़
बरोट (खुशी राम ठाकुर)
पवित्र सावन माह की शुरुआत के साथ ही चौहार घाटी और छोटा भंगाल घाटी में धार्मिक अनुष्ठानों व ‘देव कारज’ का दौर शुरू हो गया है। पूरे क्षेत्र में देव जातरों के आयोजनों से माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया है।
लपास पंचायत के रूंलिंग गांव में ‘देव जातर’ का आयोजन अत्यंत धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ किया गया। देव हुरंग के मूल व पवित्र स्थल हुर्ंग में ऐतिहासिक ‘काहिका’ देव मिलन एवं जातर का आयोजन श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। खलैहल पंचायत के झरवाड़ गांव में 26 जुलाई को देव पशाकोट, माता फूंगणी, माता लाहूली, माता सतवादनी और देव अजियापाल की पारंपरिक जातर (शमधणग) सजाई जाएगी। झरवाड़ गांव के दैवघरे के गूर डागी राम तथा पुजारी गोपाल सिंह ने बताया कि सावन माह में प्राचीनकाल से ही यहाँ देव जातर आयोजित करने की परंपरा चली आ रही है, जो पूरे महीने घाटी के विभिन्न दुर्गम गाँवों में जारी रहेगी।
छोटा भंगाल घाटी में 11 गाँवों की परिक्रमा पर निकले देवता
छोटा भंगाल घाटी की लुआई, स्वाड़ और पोलिंग पंचायत में इन दिनों स्थानीय देव नारायण, देव गहरी और माता फूंगणी अपने ग्यारह गाँवों के भ्रमण पर निकले हुए हैं। देव रीतियों के अनुसार सावन महीने में देवताओं की इस परिक्रमा से समूचे क्षेत्र में सुख-समृद्धि की कामना की जा रही है।









