सुरभि न्यूज़
प्रताप अरनोट, केलांग (लाहौल-स्पीति)
लाहौल-स्पीति के पारंपरिक एवं सांस्कृतिक महत्व के प्रमुख आयोजन ‘जनजातीय उत्सव-2026’ का आज एक भव्य शोभायात्रा के साथ औपचारिक और उत्साहपूर्ण शुभारंभ हुआ। इस उत्सव के माध्यम से घाटी की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, धार्मिक आस्थाओं और जनजातीय परंपराओं की अद्भुत झलक देखने को मिली।
उत्सव का आगाज एक विशाल शोभायात्रा के साथ हुआ, जिसमें स्थानीय लोगों और विभिन्न सांस्कृतिक दलों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा में भाग लिया। विभिन्न बौद्ध मठों से आए लामाओं और भिक्षुओं ने पारंपरिक परिधानों में शोभायात्रा की गरिमा बढ़ाई।
शोभायात्रा के बाद कार्यक्रम स्थल पर लामाओं द्वारा अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के अनुसार विधिवत पूजा-अर्चना की गई और उत्सव के सफल व शांतिपूर्ण आयोजन के लिए मंगलकामना की गई। समारोह के मुख्य अतिथि एवं गणमान्य व्यक्तियों ने दीप प्रज्वलित कर ‘जनजातीय उत्सव-2026’ का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर अनुराधा राणा (विधायक), किरण भड़ाना (उपायुक्त) और कुनिका ऐकर्स (एसडीएम, केलांग) प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
उद्घाटन समारोह के तुरंत बाद आयोजित भव्य नाटी (हिमाचली लोकनृत्य) ने पूरे माहौल को उत्सव के रंग में सराबोर कर दिया। लोक संगीत की सुरीली धुनों पर स्थानीय कलाकारों और ग्रामीणों के साथ विधायक अनुराधा राणा, उपायुक्त किरण भड़ाना और एसडीएम कुनिका ऐकर्स ने भी उत्साहपूर्वक नाटी में भाग लिया। अधिकारियों और स्थानीय लोगों के इस साझा नृत्य ने लाहौल-स्पीति की समृद्ध संस्कृति, सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे का एक सुंदर संदेश दिया।
विधायक अनुराधा राणा ने कहा कि यह उत्सव न केवल लाहौल-स्पीति की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान को विश्व पटल पर प्रस्तुत करने का एक सशक्त माध्यम है, बल्कि यह हमारी नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध जड़ों और विरासत से जोड़ने का भी काम कर रहा है।
जनजातीय उत्सव-2026 के साथ ही केलांग में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला शुरू हो गई है। आने वाले दिनों में यहाँ विभिन्न प्रकार की सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं, लोक कला प्रस्तुतियां और जनजातीय जीवन से जुड़ी विविध गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, जो स्थानीय निवासियों के साथ-साथ पर्यटकों के लिए भी मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
















