सुरभि न्यूज़
कुल्लू, 08 सितम्बर
विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के अवसर पर सांफिआ फाउंडेशन की ओर से फिजियोथेरेपी के महत्व, शारीरिक सक्रियता और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से वॉकाथॉन का आयोजन किया गया। वॉकाथॉन का शुभारंभ क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राधिका शर्मा ने किया।
इस अवसर पर डॉ. राधिका शर्मा ने कहा कि फिजियोथेरेपी एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवा है, लेकिन आमतौर पर इसके महत्व पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जाता। उन्होंने कहा कि फिजियोथेरेपिस्ट शारीरिक रूप से अक्षम तथा विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों के पुनर्वास और जीवन की गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के दौरान सांफिआ फाउंडेशन के सदस्यों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से फिजियोथेरेपी से जुड़ी घरेलू एवं सामाजिक समस्याओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
नाटक में फिजियोथेरेपी को लेकर समाज में व्याप्त भ्रांतियों, जागरूकता की कमी तथा शारीरिक समस्याओं के कारण व्यक्ति और परिवार के सामने आने वाली चुनौतियों को दर्शाया गया। साथ ही, समय पर फिजियोथेरेपी और उचित पुनर्वास सेवाएं लेने के महत्व के प्रति लोगों को जागरूक किया गया।
सांफिआ फाउंडेशन की वरिष्ठ फिजियोथेरेपिस्ट एवं सह-निदेशक डॉ. रेखा ठाकुर ने कहा कि बदलती जीवनशैली, बढ़ती शारीरिक निष्क्रियता और विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के कारण वर्तमान समय में फिजियोथेरेपी की आवश्यकता और अधिक बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि फिजियोथेरेपी स्वस्थ एवं सक्रिय जीवनशैली बनाए रखने के साथ-साथ दिव्यांग और शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्तियों के पुनर्वास में महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवा है।
वॉकाथॉन में सांफिआ फाउंडेशन की निदेशक डॉ. श्रुति मोरे भारद्वाज, कार्यक्रम प्रबंधक बीजू, हेल्थ एजुकेटर डॉ. निर्मला महंत, चामुंडा नर्सिंग कॉलेज के विद्यार्थियों सहित सांफिआ फाउंडेशन की पूरी टीम ने भाग लिया। स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े प्रतिभागियों और संस्था के सदस्यों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
प्रतिभागियों ने लोगों को नियमित शारीरिक गतिविधि अपनाने, स्वस्थ जीवनशैली बनाए रखने तथा जरूरत पड़ने पर समय पर फिजियोथेरेपी एवं पुनर्वास सेवाएं लेने का संदेश दिया।











