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मोहम्मद बाज़ार नहीं, सिदो-कान्हू बाज़ार चाहिए

बीरभूम की धरती संथाल विद्रोह के महानायक वीर सिदो और कान्हू के बलिदान के इतिहास से जुड़ी हुई है। ऐतिहासिक विवरणों के अनुसार, सिदो मुर्मू को गिरफ्तार कर सिउड़ी पुलिस लाइन में लाया गया था, जहाँ ब्रिटिश शासकों ने उनकी हत्या कर दी थी।

दूसरी ओर, “मोहम्मद बाज़ार” नाम का इस क्षेत्र के ऐतिहासिक संघर्षों अथवा आदिवासी बलिदान से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है।

इसलिए बीरभूम के इतिहास, आदिवासी समाज के गौरव तथा हूल विद्रोह की स्मृतियों को उचित सम्मान देने के लिए हम मांग करते हैं कि—

“मोहम्मद बाज़ार ब्लॉक” का नाम बदलकर “सिदो-कान्हू बाज़ार ब्लॉक” किया जाए।

यह केवल नाम परिवर्तन की मांग नहीं है, बल्कि आदिवासी इतिहास, बलिदान और वीरता को उचित मान्यता देने की मांग है।

मांगकर्ता :
SC/ST समाज
Project Affected People’s Association (PAPA)

नारे :

“हूल के वीरों को सम्मान दो — सिदो-कान्हू के नाम पर बाज़ार दो।”

“आदिवासी इतिहास की गरिमा की रक्षा करो — मोहम्मद बाज़ार का नाम बदलो।”

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